भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करते हुए उन्हें छह मांग पत्र सौंपे। इसमें हाईकोर्ट बेंच, हवाई कनेक्टिविटी, आवास विकास की शमन नीति में बदलाव, गांधी आश्रम को पुनर्जीवित करने, मेडिकल अस्पताल के उच्चीकृत करने के साथ ही दिव्यांग स्कूलों के बारे में भी मांग रखी।
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मुख्यमंत्री से कहा कि मेरठ में हाईकोर्ट बेच की मांग बहुत पुरानी है। जेवर को एयरपोर्ट और बड़ा बिजलीघर मिल चुका है। ऐसे में अब हाईकोर्ट बेंच का विषय लंबे समय तक लंबित रखना मुश्किल होगा। इसलिए इस पर गंभीरता से विचार किया जाए। इसके साथ ही आवास विभाग के अंतर्गत शमन उपविधि के संबंध में भी प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराकर शासन को प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाए। मेरठ में हवाई कनेक्टिविटी पर वाजपेयी ने कहा कि हमारे संकल्प पत्र में हवाई कनेक्टिविटी शामिल थी, स्वयं मुख्यमंत्री ने भी जनसभा में मेरठ की जनता को आश्वस्त किया था। अब मेरठ को शीघ्र ही इससे जोड़ दिया जाए, ताकि जनता में पैदा हो रहे अविश्वास को दूर किया जा सके।
वाजपेयी ने मेरठ मेडिकल कॉलेज अस्पताल को उच्चीकृत करने की मांग की। इसके अलावा गांधी आश्रम को पुनर्जीवित करने की मांग उठाते हुए कहा कि आजादी के बाद का सबसे पहला गांधी आश्रम मेरठ में है, लेकिन अब इसे पुनर्जीवित किया जाना जरूरी है, जिसमें सिर्फ चार करोड़ रुपये की आवश्यकता है। वहीं दिव्यांगों से संबंधित मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि मूक बधिर विद्यालय सदर मेरठ के अध्यापकों के वेतनमान हेतु अनुदान बढ़ाया जाए और नेत्रहीन विद्यालय के भवन का शिलान्यास भी किया जाए।