मेरठ। कोविड महामारी से प्रभावित इस वित्तीय वर्ष में भी आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने वालों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। लघु उद्योग बढ़े हैं। आयकर विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार शहर में ही 30 प्रतिशत तक लखपति बढ़े हैं। लॉकडाउन के दौरान वर्ष 2020-21 की प्रथम छमाही में ही 87602 लोगों ने रिटर्न दाखिल कर रिकॉर्ड बनाया है। वर्ष 2019-20 में 2,91,611 लोगों ने आईटीआर भरी है। पूर्व के वर्षों में आईटीआर फाइल करने के वालों की संख्या में 10 से 15 प्रतिशत तक इजाफा होता था।
आईटीआर रिटर्न वर्ष 2019-20 फाइल करने के लिए आज अंतिम दिन है। विभागीय स्तर पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 15 जनवरी तक जो आंकड़ा प्राप्त होगा उसमें 30 प्रतिशत तक इजाफा होने की संभावना है। वर्ष 2019-20 के आंकड़ों के अनुसार आईटीआर-1 फाइल करने वालों का प्रतिशत 72.35, आईटीआर-2 फाइल करने वालों का प्रतिशत 62.94, आईटीआर-3 फाइल करने वालों का प्रतिशत 46.49 प्रतिशत, आईटीआर-4 फाइल करने वालों का प्रतिशत 63.39 प्रतिशत, आइटीआर-5 फाइल करने वालों का प्रतिशत 63.39 प्रतिशत, आईटीआर-6 फाइल करने वालों का प्रतिशत 36.10 प्रतिशत, आइटीआर-7 फाइल करने वालों का प्रतिशत 43.34 प्रतिशत रहा है।
कोराना काल में दो बार बढ़ी तारीख
सरकार ने कोविड के दौरान दो बार रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाई है। अमूमन 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल की जाती है। इस साल पहले तारीख बढ़ाकर 31 अक्तूबर की गई। आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2018-19 की लिए भी बिना विलंब शुल्क के 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल करने की छूट दी। अब 2019-20 की रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2020 की गई है।