मेरठ जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान शनिवार दोपहर कचहरी परिसर में एक महिला सिपाही अचानक रोने लगी और आंखों पर रूमाल लगाए वहां से चली गई। बताया गया है कि महिला इंस्पेक्टर के डांटने के बाद महिला सिपाही रोने लगी थी। हालांकि किसी ने भी डांटने का कारण नहीं बताया।
शनिवार दोपहर को भाजपा प्रत्याशी गौरव चौधरी और विपक्ष से सलोनी नामांकन करने के लिए कचहरी में आए। यहां कई थाने की पुलिस टीमें ड्यूटी पर थीं। इन्हीं में महिला इंस्पेक्टर संध्या वर्मा और उनकी टीम भी तैनात थी। ड्यूटी के दौरान ही एक महिला सिपाही इंस्पेक्टर के सामने रोने लगी। कुछ मीडियाकर्मी दौड़कर पहुंचे। महिला सिपाही से रोने का कारण पूछा, लेकिन वह कुछ नहीं बोली।
बताया गया कि महिला इंस्पेक्टर ने किसी बात पर डांट लगा दी थी। वहीं, महिला इंस्पेक्टर संध्या वर्मा का कहना कि महिला सिपाही की व्यक्तिगत समस्या थी। उसका समाधान कर दिया गया है। डांटने की कोई बात नहीं हुई है।
महिला इंस्पेक्टर पर पहले भी लगे हैं आरोप
पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान एक महिला दरोगा ने इंस्पेक्टर पर उत्पीड़न करने के आरोप लगाए थे। इसमें महिला दरोगा का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें महिला दरोगा रोते हुए दिखी थीं। तत्कालीन एसएसपी अजय साहनी ने जांच कराई थी। हालांकि महिला इंस्पेक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि महिला दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया। इस मामले में महिला इंस्पेक्टर को क्लीन चिट दे दी गई थी।
कचहरी में महिला सिपाही के रोने की बात पता चली है। इस बारे में महिला इंस्पेक्टर और सिपाही से जानकारी ली जाएगी।
-विनीत भटनागर, एसपी सिटी