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सुस्त व्यवस्था के लिए न्यायिक अधिकारियों की कमी जिम्मेदार

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मेरठ। न्यायिक कार्य से विरत रहने के मामले में शनिवार को पंडित नानकचंद सभागार में केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक हुई। इसमें अधिवक्ताओं ने कहा कि सुस्त न्यायिक व्यवस्था के लिए न्यायिक अधिकारियों की कमी जिम्मेदार है। उन्होंने हड़ताल के मामले में जारी नोटिसों को वापस लेने की मांग उठाई। इस दौरान नौ प्रस्ताव पारित कर अगली बैठक गौतमबुद्धनगर में दो अगस्त को करने का निर्णय लिया गया।
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फैजाबाद बार एसोसिएशन पर आए निर्णय को सर्वाेच्च न्यायालय में पुनः विचार याचिका दायर करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विचार विमर्श करने का निर्णय लिया गया। सभी आंदोलनों को विधिक रूप से करने पर जोर दिया गया। इस मौके पर कई जिलों से बार संघ के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। इस दौरान अजय कौशिक, चंद्रवीर सिंह, सुरेंद्र मलिक, जितेंद्र कुमार, सुनील कुमार मित्तल, सतनाम मटटू, रणवीर सिंह राठौर, विरेंद्र चौधरी, सुमन सिंह राघव सहित अन्य मौजूद रहे। अध्यक्षता संजय शर्मा ने की। संचालन राजेंद्र सिंह राणा ने किया। बैठक में पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, कुंवर पाल शर्मा, पूर्व महामंत्री जितेंद्र सिंह बना, सुधीर पंवार, देवकीनंदन शर्मा, प्रबोध कुमार शर्मा, नरेश दत्त शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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