लालकुर्ती बड़ा बाजार में 10 रुपये के सिक्के पर दूसरे समुदाय के लोगों पर टिप्पणी करने पर शनिवार रात सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने भिड़ गए। इससे पहले मामला तूल पकड़ता कि पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़कर मामला शांत किया। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ही टिप्पणी की थी कि नोटबंदी से लोग परेशान हैं और स्थिति इतनी गंभीर है कि दंगे भी भड़क सकते हैं।
पुलिस के अनुसार लालकुर्ती बड़ा बाजार में बिट्टू की कंफैक्शनरी शॉप है। दुकान पर उनका बेटा राजू बैठा था। राजू का दस के सिक्के न लेने पर सिख समाज के एक व्यक्ति से कहासुनी हो गई थी। बिट्टू की दुकान से कुछ दूर ही प्रभात गुप्ता की गुप्ता स्वीट्स है। जिस पर सचिन यादव काम करता है। आरोप हैै कि इस दौरान सचिन ने दूसरे समुदाय पर टिप्पणी कर दी। कहा कि अगर दुकानदार दूसरे समुदाय का होता और दस का सिक्का लेने से मना करता तो मै उसको सिखा देता।
इस दौरान उसकी दुकान पर खडे़ दूसरे समुदाय के युवकों ने यह सुनकर सचिन की पिटाई करनी शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों में मारपीट शुरू हो गई। सांप्रदायिक तनाव की सूचना पर लालकुर्ती थाना पुलिस और डायल यूपी 100 की गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। एसओ लालकुर्ती मिथलेश उपाध्याय ने बताया कि दोनों पक्षों ने अभी तक कोई लिखित में शिकायत नहीं की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बाजार बंद, मची अफरातफरी
बड़ा बाजार में दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आए तो एक के बाद एक दुकान के शटर गिरते चले गए। चंद मिनटों में बाजार बंद हो गया और लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि यूपी डायल 100 की गाड़ियों ने वायरलेस से लोगों से कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। दोनों पक्षों को समझा दिया गया है। अब कोई बात नहीं होगी।
पहले से विवादित है लालकुर्ती
मामूली बात पर लालकुर्ती बड़ा बाजार में सांप्रदायिक तूल देने का यह पहला मामला नहीं है। बाजार में मिश्रित आबादी है। छोटी-छोटी बातों पर लालकुर्ती में विवाद होता रहा और फिर उस मामले को सांप्रदायिक तूल दिया जाता रहा है। पुराने मामलों को देखते हुए लालकुर्ती में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।