कचहरी में पुलिस और बंदियों के बीच चंद रुपयों में कस्टडी से फरारी का सौदा होता है। बृहस्पतिवार को मुल्जिम इकराम के भागने के बाद शुक्रवार को एसपी सिटी ने यहां औचक चेकिंग की तो बंदियों की पेशी कराने आए सिपाहियों की पोल खुल गई। तमाम खामियां मिलने पर एसपी सिटी बोले कि पुलिस ही तो मुल्जिमों को भगाती है। क्योंकि चंद रुपये लेकर मुल्जिम की हथकड़ी ढीली कर उसके कहने पर इधर-उधर ले जाते हैं। इसका फायदा उठाकर मुल्जिम भागता है।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी, इंस्पेक्टर नौचंदी एसके राणा और इंस्पेक्टर सिविल लाइन विजय कुमार टीम के साथ कचहरी में पहुंचे। उन्होंने पेशी पर जाते बंदियों से पूछताछ करते हुए उनकी हथकड़ी चेक करनी शुरू कर दी। हथकड़ी इतनी ढीली लगी थी कि एसपी सिटी ने थोड़ा ही खींचा तो वह उनके हाथ में आ गई। कई बंदियों को तो हथकड़ी लगी ही नहीं थी। पेशी कराने वाले पुलिसकर्मियों की लापरवाही देखकर एसपी सिटी भड़क उठे। बोले कि यही कारण है कि कचहरी से मुल्जिम भागने का। एसपी सिटी ने बंदियों से यह भी पूछा कि कितने पैसे दिए हैं पुलिसकर्मियों को इसके लिए।
पुलिसकर्मियों को एसपी सिटी ने जमकर लताड़ भी लगाई। एसपी सिटी ने बताया कि बृहस्पतिवार को मुल्जिम इकराम के भागने के पीछे भी पुलिस की घोर लापरवाही रही है। क्योंकि इकराम की हथकड़ी ढीली लगी थी और उसने आसानी से अपना हाथ निकाल लिया था। बदमाशों को इकराम को कस्टडी से भगाकर ले जाने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी थी। पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट एसएसपी को दी गई है।
कब तक पीटोगे लकीर
कचहरी में पुलिस फोर्स देखकर अधिवक्ता बोले कि कचहरी से जब मुल्जिम भाग जाता है या फिर कोई बड़ी घटना हो जाती है तो पुलिस को कचहरी की सुरक्षा याद आने लगती है। पुलिस अगर कचहरी में रूटीन से सख्त चेकिंग करे तो शायद मुल्जिम को भागने का मौका नहीं मिलेगा। अधिवक्ताओं का कहना है कि कचहरी में फरारी के दौरान मुल्जिम या उसको छुड़ाने आए बदमाश बड़ी घटना कर सकते हैं। सिर्फ आधे घंटे की एसपी सिटी की चेकिंग पर भी अधिवक्ताओं ने सवाल उठाए है। उनका कहना था कि एसपी सिटी तो सिर्फ खानापूर्ति के लिए चेकिंग करने आए थे।