पुलिस पर हमला कर कचहरी से भागे इकराम ने बृहस्पतिवार की रात परीक्षितगढ़ के बढ़ला गांव के जंगल में शरण ली थी। वह कचहरी के बाहर से एसयूवी (इको स्पोर्ट्स) से जंगल में पहुंचा था। ग्रामीणों ने रात में ही पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी। लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकामयाब रही। शुक्रवार सुबह पुलिस फिर सूचना पर जंगल में पहुंची तो इकराम एसयूवी छोड़कर पैदल ही अपने साथियों के साथ फरार हो चुका था। पुलिस ने इस गाड़ी से एक तमंचा बरामद किया है। यह गाड़ी लूट या चोरी की मानी जा रही है क्योंकि गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। नंबर भी बाइक का निकला।
बृहस्पतिवार दिनदहाड़े कचहरी में पुलिस पर हमला कर इकराम को छुड़ाकर ले जाने वाले ऊधमसिंह के शूटर बताए गए। कुख्यात इकराम का एक साथी परीक्षितगढ़ क्षेत्र के बढ़ला गांव का बताया गया। बृहस्पतिवार देर रात ही ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी कि बढ़ला गांव मार्ग पर एक एसयूवी गाड़ी में बदमाश हैं। गश्ती पुलिस बढ़ला मार्ग पर पहुंची। लेकिन वहां उन्हें कोई नहीं मिला। ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह फिर सूचना दी कि बढ़ला मार्ग पर लावारिस हालत में एसयूवी खड़ी है। जिसे पुलिस ट्रैक्टर से खींचकर थाने ले आई। पुलिस ने इकराम के साथी की तलाश में बढ़ला गांव में दबिश दी। लेकिन वह भी फरार मिला। एसओ परीक्षितगढ़ ओपी सिंह ने बताया कि गाड़ी को लावारिस में दाखिल कर दिया है।
सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद
पुलिस ने शुक्रवार को कचहरी गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस ने बताया कि कचहरी परिसर से इकराम बाइक पर बैठकर गया था। लेकिन कचहरी के बाहर से वह लाल रंग की गाड़ी में बैठकर भागा था। जोकि कैमरे में कैद हुई है। परीक्षितगढ़ में मिली एसयूवी का रंग भी कुछ ऐसा ही है।
तो पकड़ा जाता इकराम
पुलिस खुद मान रही है कि इकराम और उसके साथी कचहरी से भागने के बाद परीक्षितगढ़ के जंगल में रुके थे। रात में पुलिस गंभीर हो जाती तो इकराम साथियों के साथ पकड़ा जा सकता था।
सरधना में थी पुलिस की दबिशें
इकराम खिर्वा जलालपुर सरधना का निवासी है। पुलिस को अंदेशा था कि इकराम सरधना जरूर जाएगा। यही सोचकर पुलिस की टीमें बृहस्पतिवार रात भर सरधना इलाके में दबिश देती रहीं। देर रात पुलिस को सूचना मिली कि इकराम परीक्षितगढ़ इलाके में हो सकता है। शुक्रवार सुबह देखेंगे, यह सोचकर नहीं गए। शुक्रवार सुबह यह अंदेशा यकीन में बदल गया कि इकराम परीक्षितगढ़ इलाके में ही पहुंचा था।
जेल में इकराम के साथी से पूछताछ
इकराम के तीन साथियों से जेल में पूछताछ की गई है। पुलिस ने बताया कि इकराम कई दिनों से भागने का प्लान बना रहा था। जेल अफसरों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। शुक्रवार को जेल अफसरों ने बंदियों से बात की व इकराम की फरारी के बारे में पूछा। जेल में बंद हाई सिक्योरिटी बैरक में कुख्यात भरतू नाई व देवेश त्यागी से भी पूछताछ की गई। भरतू नाई कुख्यात ऊधमसिंह का शूटर बताया गया है।
फरार इकराम पर पांच हजार इनाम
मेरठ। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने पुलिस पर हमला कर भागने वाले इकराम पर पांच हजार का इनाम घोषित कर दिया है। वहीं, सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल अरविंद कुमार व करम अली को कोर्ट में पेश किया। दोनों पुलिसकर्मियों की ओर से अधिवक्ता सुनील चिंदौड़ी ने पैरवी करते हुए बताया कि दोनों सिपाहियों को जमानतीय अपराध में गिरफ्तार किया गया है। न्यायालय ने सिपाहियों को 20-20 हजार के दो जमानतियों पर सिपाहियों को छोड़ने के आदेश जारी किए। एसएसपी ने बताया कि इकराम की तलाश में क्राइम ब्रांच समेत पांच टीमें लगी है। दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर जांच बैठाई गई है।