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मेरठ: बचाओ...बचाओ चिल्लाया कृष्णा, पर ट्रैक्टर-ट्रॉली ने नहीं लगाए ब्रेक, कुचल दिया सिर, मंजर देख कांप गई रूह

Tue, 11 Oct 2022 05:59 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मेरठ हादसा। - फोटो : amar ujala
गड्ढे में स्कूटी का पहिया गिरते ही कृष्णा बचाओ-बचाओ चिल्लाया, फिर भी ट्रैक्टर चालक ने ब्रेक नहीं लगाए। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि गिरते ही बच्चे का सिर गड्ढे के बाहर आ गया था, जिस पर ट्रैक्टर-ट्रॉली का पहिया चढ़ गया। यह हादसा जिसने भी देखा, उसकी सांसें अटक गईं। गड्ढे और चालक की लापरवाही ने कृष्णा की जान ली है।

कृष्णा की मौत की जानकारी लगते ही पीड़ित परिवार और उनके परिचित भी मौके पर पहुंच गए। गुस्साएं लोगों ने घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक हंगामा किया। लोगों ने कहा कि सड़क पर गड्ढे और ट्रैक्टर चालक की लापरवाही के चलते उनके बेटे की मौत हुई है। लोगों ने नगर निगम, एमडीए व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों पर आरोप लगाकर हंगामा किया है।
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मेरठ हादसा। - फोटो : amar ujala
ट्रॉली में लदी थी रद्दी
ट्रॉली में रद्दी लदी हुई थी। किशोर की मौत पर गुस्साए लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग लगाने का प्रयास किया, तभी पुलिस इंस्पेक्टर मेडिकल फोर्स को लेकर वहां पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजकर ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया। वहीं परिजन बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से मना करने लगे, लेकिन पुलिस नहीं मानी। पुलिस ने कहा कि बगैर पोस्टमार्टम के ट्रैक्टर चालक पर कार्रवाई नहीं हो सकती। उसके खिलाफ गैर इरादन हत्या का केस दर्ज करेंगे। पुलिस चालक का पता लगाने में जुटी है।
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मेरठ हादसा। - फोटो : amar ujala
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
पंकज मेहता की गढ़ रोड स्थित प्रवेश विहार में स्पोर्ट्स का सामान बनाने की फैक्टरी है, जिसमें जिम का सामान भी बनता है। पंकज का बड़ा बेटा मधुर और परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, लोगों ने कहा कि अगर कृष्णा हेलमेट पहनने होता तो शायद उसकी जान बच जाती।

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मेरठ हादसा। - फोटो : amar ujala
बारिश से छलनी हो गईं सड़कें, जान जोखिम में
बारिश से शहर की अधिकतर सड़कें छलनी हो गई हैं। गहरे गड्ढों में तब्दील सड़कें कब किसकी जान ले लें, किसी को नहीं पता। शहर ही नहीं बल्कि पूरे जनपद में सड़कों का बुरा हाल है। रात के अंधेरे में ही नहीं बल्कि दिन में सड़कों से गुजरते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।
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मेरठ हादसा। - फोटो : amar ujala
दिल्ली रोड, बागपत रोड, रोहटा रोड, सरधना रोड, रुड़की रोड, मवाना रोड, किला रोड, गढ़ रोड और हापुड़ रोड ही नहीं बल्कि शहर के अंदर वाली सभी सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं। तेजगढ़ी से शास्त्रीनगर एल ब्लॉक तिराहा तक भी सड़क में जगह जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। चार दिन की बारिश ने शहर की कोई सड़क ऐसी नहीं छोड़ी जिसमें गड्ढे न हुए हों। सड़कों के गड्ढों ने शहर में ट्रैफिक की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। जिसके कारण सड़कों पर दिन निकलते ही जाम लगना शुरू हो जाता है। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की जिम्मेदारी नगर निगम ही नहीं बल्कि एमडीए, पीडब्लूडी, नेशनल हाईवे प्राधिकरण भी भूल गए हैं। सड़कों की स्थिति बेहद खराब है।

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बारिश। - फोटो : अमर उजाला।
मौसम साफ होने पर बनेंगी सड़कें
शहर की कुछ सड़कों को गड्ढा मुक्त करने और कुछ को नए तरीके से बनाने के लिए टेंडर निकाले गए हैं। मौसम साफ होने पर सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त कराया जाएगा। - डॉ. अमितपाल शर्मा, नगरायुक्त
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