फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृष्ण ने कंस का उद्धार किया

विज्ञापन
मेरठ के हस्तिनापुर कस्बे में श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। - फोटो : MAWANA
विज्ञापन
हस्तिनापुर। कस्बे में स्थित न्यू ब्लॉक कॉलोनी के शांति चौराहे पर चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में पांचवे दिन गोवर्धन पूजा के बारे में बताया गया।
विज्ञापन

वृंदावन से आए कथावाचक नीलांशु महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि भगवान का जो उद्देश्य था। पृथ्वी पर पाप का विध्वंस कर धर्म की स्थापना करना। उसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए भगवान वृंदावन से मथुरा गए। जिस प्रकार मथुरा नरेश कंस का पाप बढ़ गया था और किस तरह कंस के सपने में हर समय भगवान ही उसे दिखाई देते थे। उसने देवीकी और उसके पति वासुदेव को कारागार में डाल दिया था। उनकी हर संतान को मार देता था लेकिन आठवीं संतान को वासुदेव गोकुल छोड़ आए थे। इसके बाद कंस को यही भय सताने लगा था कि देवकी की संतान ही उसका वध करेगी इसी के भय से मथुरा और आसपास के सभी बच्चों की कंस हत्या करवा दी थी। भगवान श्री कृष्ण को भी अपने सेनापति के माध्यम से मथुरा में एक मेला देखने के बहाने बुलाया था कि वह उसका वध कर सके और अक्रूर ने नंद गांव जाकर नंद बाबा के भगवान श्री कृष्ण और बलराम को मथुरा ले जाने के लिए कहा नंदबाबा व यशोदा के मना करने पर गोपियों के भी मना करने के बावजूद भगवान श्री कृष्ण और बलराम मथुरा गए। और उन्होंने यहां पहुंच कर कंस का उद्धार किया। कथा के दौरान रुकमणी विवाह के उपलक्ष में पंडाल में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। इस मौके पर प्रीतीश शर्मा, संजीव ढाली, नारायण नियोगी, डॉ. स्वदेश, निशीकांत, निकांत बाला, अचिंतो ढाली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें