फिल्म स्टार दिलीप कुमार राम और श्याम फिल्म के सेट पर पहुंच गए थे, लेकिन फिल्म के लेखक कौशल भारती स्क्रिप्ट को मुंबई के बांद्रा में रमेश भाटिया के कमरे पर ही भूल गए। इस दुविधा में अगले दिन जब रमेश भाटिया ने वीपीपी पोस्ट से स्क्रिप्ट को शूटिंग लोकेशन पर भेजा। तब दिलीप कुमार ने फिल्म की शूटिंग शुरू की। बॉलीवुड जगत के ऐसे कई किस्से अब फिल्म सह-निर्माता रमेश भाटिया के जहन में केवल सुनहरी यादें बनकर रह गए हैं। मुंबई की बॉलीवुड नगरी की चकाचौंध से भरी दुनिया को भूलकर गंगानगर के एन-31 स्थित वृद्धाश्रम में करीब पांच से रमेश भाटिया गुमनामी के अंधेरे में जीवन जी रहे हैं।
रमेश भाटिया जब पुराने दशक के फिल्म स्टारों से जुड़ी बातों का जिक्र करते हैं तो उनके चेहरे की चमक देखते ही बनती है। अमिताभ बच्चन की बंसी बिरजू, राजेश खन्ना की आंचल, गुमनाम व आन मिलो सजना जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में निर्माता व अन्य भूमिकाओं में योगदान दे चुके रमेश भाटिया अब जीवन के आखिरी पड़ाव में अकेले हैं। वह वृद्धाश्रम में बने एक कमरे में जीवन जी रहे हैं। सुपरस्टार दिलीप कुमार की डबल रोल वाली फिल्म राम और श्याम पर्दे पर सुपरहिट रही। रमेश के मुताबिक 1967 में कौशल ने उनके कमरे पर बैठकर यह फिल्म लिखी। फिल्म की शूटिंग के लिए जब दिलीप कुमार सेट पर पहुंचे तो पता चला कि फिल्म की स्क्रिप्ट बांद्रा स्थित कमरे पर ही छूट गई है। कौशल ने फोन पर रमेश को संपर्क किया। रमेश ने स्क्रिप्ट को उस वक्त 500 रुपये के वीपीपी पोस्ट से भेजा। बाद में जब वह रुपये रमेश को मिले तो सभी साथियों ने पार्टी की। रमेश भाटिया बताते हैं कि बॉलीवुड की पुरानी फिल्मों के मशहूर पटकथा लेखक कौशल भारती अच्छे मित्र होने के चलते उन्हीं के कमरे में रहते थे। कौशल भारती ने दलाल, अग्नि, धर्मात्मा, पाकेटमार, संतोष, शैतान, दिल का राजा, मेला, छुपा रुस्तम, तेरे मेरे सपने, गैम्बलर, सुबह ओ शाम, आदमी, राम और श्याम, दिल दिया दर्द लिया कई पटकथा लिखी।