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Meerut Kidney Scandal: अल्फा अस्पताल का आधा स्टाफ भागा, कानपुर व मेरठ पुलिस तलाश में, सीएमओ ने दिया नोटिस

Thu, 02 Apr 2026 10:08 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

UP Meerut Crime News today in Hindi: कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांड का भंडाफोड़ हुआ है। उसमें मेरठ के अल्फा अस्पताल के तीन डॉक्टरों डॉ. अमित कुमार, डॉ. वैभव मुदगल और डॉ. अफजल को भी नामजद किया गया है। कानपुर पुलिस को इनकी तलाश है।
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अल्फा अस्पताल के मैनेजर से पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
कानपुर किडनी कांड के तार मेरठ से जुड़ने के बाद यहां की पुलिस भी सक्रिय हो गई है। अल्फा अस्पताल का आधा स्टाफ भाग गया है। मेडिकल पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर फिलहाल पड़ताल की है। कानपुर के पुलिस कमिश्नर ने एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय को कॉल करके कहा कि कानपुर से मेरठ के लिए टीम रवाना हो गई है। जो अल्फा अस्पताल पहुंचकर पड़ताल करेगी। 
 
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मेरठ का अल्फा अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि कानपुर पुलिस की जांच में पूरी मदद करने के लिए एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और सीओ सिविल लाइंस अभिषेक तिवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दूसरी ओर मेडिकल पुलिस अल्फा अस्पताल पहुंची और जांच पड़ताल कर किसी भी रिकॉर्ड या सीसीटीवी से कोई छेड़छाड़ नहीं करने की चेतावनी दी।
 
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किडनी कांड में पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : amar ujala
कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े अल्फा अस्पताल के तीन डॉक्टरों को पकड़ने के लिए कानपुर पुलिस की टीम आज दबिश देगी। मूलरूप से मुजफ्फरनगर निवासी फिजियोथेरेपिस्ट अमित कुमार ने मंगल पांडेय नगर में विक्की चौहान और विजय गुप्ता के साथ मिलकर 2022 में अल्फा अस्पताल बनाया था। इससे पहले अमित सरस अस्पताल का संचालन कर रहे थे। 
 

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कानपुर का प्रिया हॉस्पिटल, जो अवैध ट्रांसप्लांट में लिप्त पाया गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अमित ने बताया कि बाद में इनाम, नासिर, परवेज और फरियाद को हिस्सेदार के रूप में शामिल किया था। अस्पताल में अन्य डॉक्टरों को भी जोड़ा गया। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट निवासी डेंटल सर्जन डॉ. वैभव मुदगल भी उनसे जुड़े हैं। कानपुर में पकड़े गए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में अमित कुमार व डॉ. वैभव मुदगल तथा डॉ. अफजल भी नामजद हैं। 
बताया जा रहा है कि डॉक्टरों के साथ इस धंधे में जुड़ा कुछ स्टाफ भी अस्पताल से भाग गया है। एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट किया जा रहा था। कानपुर पुलिस आज मेरठ आएगी। जिनकी पूरी मदद की जाएगी।
 
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कानपुर में इसी अस्पताल में चल रहा था किडनी कांड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएमओ ने अल्फा अस्पताल प्रबंधन को भेजा नोटिस, मांगा स्पष्टीकरण
कानपुर के किडनी प्रकरण में नाम आने के बाद सीएमओ ने गढ़ रोड पर मंगल पांडे नगर स्थित अल्फा अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिन के भीतर जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि प्रकाश में आया कि अल्फा अस्पताल के तार कानपुर के किडनी प्रकरण से जुड़े हैं। इसमें फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अमित कुमार, दंत चिकित्सक डॉ. वैभव मुदगल और डॉ. अफजल नामजद हुए हैं। इनके अलावा अस्पताल से जुड़े विक्की चौहान, विजय गुप्ता, इनाम, नासिर, परवेज और फरियाद के नाम भी संज्ञान में आए हैं। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा गया है कि इनका इस मामले से क्या संबंध है। अस्पताल प्रबंधन के जवाब के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 
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कानपुर में इसी इसी अस्पताल में चल रहा था किडनी कांड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ में नियमानुसार होता है किडनी ट्रांसप्लांट: आईएमए
आईएमए मेरठ शाखा की अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी का कहना है कि मेरठ में किडनी प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) नियमानुसार होता है। यहां तीन अस्पताल हैं, जहां किडनी प्रत्यारोपण होता है। इनमें जसवंत राय अस्पताल, न्यूटिमा अस्पताल और आर्यव्रत अस्पताल। इसकी लिए कमेटी है जिसमें चिकित्सकों के अलावा रिटायर्ड आईएएस भी हैं। कानपुर के किडनी वाले मामले में मेरठ के जो डॉक्टर आरोपी बनाए गए हैं, वे मेरठ आईएमए में पंजीकृत नहीं हैं।
 
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