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खुदकुशी पर परिवारों ने मोर्चा खोला, हंगामा

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ओमकार पक्ष से अधिवक्ता एडीजी से मिले, संजय मोतला पक्ष से मंत्री डीएम से मिले
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दोनों परिवार के लोग निष्पक्ष जांच करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की कर रहे मांग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अधिवक्ता ओमकार सिंह और संजय मोतला की खुदकुशी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। दोनों के परिवार ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को ओमकार पक्ष से अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल एडीजी से मिला और संजय पक्ष की ओर से भाजपा के मंत्री पीड़ित परिवार के साथ डीएम से मिले। दोनों पक्ष ने निष्पक्ष जांच कराने और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान हंगामा भी हुआ।
खुदकुशी करने वाले दोनों लोगों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें दोनों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक-दूसरे को मौत का जिम्मेदार बताया। अधिवक्ता की मौत में भाजपा विधायक दिनेश खटीक का नाम भी शामिल है। नामजद आरोपियों पर कार्रवाई भाजपा विधायक के दबाव में नहीं हो रही, ऐसे आरोप भी पुलिस पर लग रहे हैं। शनिवार को दोनों पक्ष के लोग सड़क पर उतर गए। अधिवक्ता की मौत में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर शनिवार सुबह 11:15 बजे वरिष्ठ अधिवक्ता शनिवार को एडीजी राजीव सभरवाल से मिले। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि आठ दिन के बाद भी एक भी नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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अधिवक्ताओं ने पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया हुआ है, जोकि रविवार शाम को पूरा हो जाएगा। सोमवार को अधिवक्ता फिर कचहरी में आम सभा करेंगे व आगे की रणनीति तय होगी। एडीजी ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। पुलिस की प्राथमिक जांच में ओमकार सिंह की पुत्रवधू स्वाति के भाई और पिता आरोपी हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं।
एडीजी ऑफिस पहुंची फोर्स
अधिवक्ताओं के एडीजी ऑफिस जाने की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। सीओ सिविल लाइन, सीओ एलआईयू, मेडिकल समेत कई थाने की पुलिस एडीजी ऑफिस पहुंच गई। बार अध्यक्ष समेत नौ वरिष्ठ अधिवक्ता एडीजी से मिले। एडीजी से मिलकर मेरठ बार एसोसिएशन ने कहां है कि भाजपा विधायक समेत सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करो। पुलिस किसी के दबाव में काम न करें। अधिवक्ता की मौत के बाद संजय मोतला की खुदकुशी की भी गंभीरता से जांच हो। कचहरी में अधिवक्ताओं की भूख हड़ताल शुरू करने की जानकारी भी एडीजी को दी गई। एडीजी से मिलने वालों में मेरठ बार एसोसिएशन अध्यक्ष के साथ महामंत्री सचिन चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता गजेंद्र धामा, उदरवीर सिंह, ओपी शर्मा, अजय त्यागी, नरेंद्र कुमार, राजकुमार गुर्जर और अब्दुल जब्बार खां मौजूद थे।
अधिकारियों से नेताओं की मुलाकात
अधिकारियों से भाजपा समेत अन्य पार्टी के नेता भी मिल रहे हैं। इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई बड़े नेता अधिकारियों के संपर्क में हैं। कार्रवाई को लेकर भी मंथन चलता है। अधिवक्ता की मौत के मामले में नामजद भाजपा विधायक दिनेश खटीक और अन्य लोगों के पर कार्रवाई को लेकर भी अलग-अलग चर्चाएं हैं।
निष्पक्ष होगी कार्रवाई
अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल मिला था। पुलिस दोनों मुकदमों की जांच कर रही है। पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। - राजीव सभरवाल, एडीजी मेरठ जोन
केंद्रीय मंत्री के साथ डीएम से मिले संजय के परिजन
दौराला। अधिवक्ता की मौत में नामजद आरोपी संजय मोतला निवासी दादरी ने फांसी लगाकर जान दी। पुलिस ने अधिवक्ता के दोनों बेटे समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। शनिवार को परिजन केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पहुंचे। उनके भाई सुशील ने डीएम को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। परिजनों ने निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों की गिरफ्तारी व आर्थिक मदद की मांग की। डीएम ने संजय के परिवार को आश्वासन दिया। सुशील कुमार के साथ परिवार के अरविंद मुखिया, रोहताश, राजेंद्र प्रधान, भूलेराम, जगदीश मौजूद रहे। संवाद
पूर्व मंत्री ने दी अधिवक्ता के परिजनों को सांत्वना
परीक्षितगढ़। अधिवक्ता ओमकार सिंह तोमर के ऐंची गांव स्थित आवास पर शनिवार को पूर्व मंत्री लखीराम नागर पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान डॉ. सुबोध गुर्जर, गुड्डू छुछाई, ललित चेयरमैन मौजूद रहे। संवाद
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18 मोबाइल और सुसाइड नोट में मौत का सच
पुलिस ने नामजद आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर खंगाली
मेरठ। अधिवक्ता ओमकार सिंह और संजय मोतला की मौत की जांच में पुलिस उलझी हुई है। पुलिस ने नामजद आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर खंगालनी शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि 18 मोबाइल और दोनों लोगों के सुसाइड नोट से मौत का सच सामने आएगा। अधिवक्ता के घर की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लगा है।
अधिवक्ता के बेटे लव कुमार ने बताया कि विधायक के कहने पर निवर्तमान ग्राम प्रधान मुनेंद्र गुर्जर उनके पिता को धमकाने आया था, जिससे उसके पिता बहुत परेशान हुए थे। फुटेज में आत्महत्या की घटना भी दिखी है। पुलिस ने फुटेज देखी और जांच की, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला। पुलिस के अनुसार आरोपी पक्ष ने अधिवक्ता के बुलाने पर मुनेंद्र के घर आने की बात कही है। लिखावट का मिलान कराने के लिए अधिवक्ता का सुसाइड नोट को फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। वहीं संजय मोतला का सुसाइड नोट की अभी लिखा पढ़ी हो रही है। पुलिस का दावा है कि नामजद 18 लोगों के मोबाइल नंबर ले लिए है, जिनकी सीडीआर निकाली जा रही है।
12 ऑडियो की चल रही जांच
गंगानगर पुलिस ने अधिवक्ता के मोबाइल को अपने कब्जे में लिया हुआ है। इंस्पेक्टर गंगानगर बिजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि अधिवक्ता के मोबाइल में 12 ऑडियो मिली हैं, जिसको उनके एक रिश्तेदार ने भेजी है। एक ऑडियो में अधिवक्ता का छोटा बेटा दुर्वेश कुमार, रिश्तेदार गुड्डू बातचीत कर रही है। दूसरी ऑडियो में स्वाति के पिता और गुड्डू की बात है, जिसमें धमकी भी दी गई हैं। अधिवक्ता की कोई ऑडियो नहीं है। हो सकता है कि अधिवक्ता ने ऑडियो सुनी होगी, जिससे वह डिप्रेशन में आए। 11 फरवरी को लव कुमार खतौली में स्वाति के घर गए थे। इससे संबंधित बात होने का एक ऑडियो भी है। इन सभी ऑडियो के आधार पर पुलिस की प्राथमिक जांच में स्वाति के पिता और भाइयों को आरोपी माना है। हालांकि अन्य नामजद आरोपियों की जांच पुलिस द्वारा चल रही है।
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पुलिस ने खतौली समेत कई जगहों पर दी दबिश
मेरठ। 13 फरवरी को हुई अधिवक्ता की मौत के मामले में नामजद आरोपियों की तलाश में शनिवार को भी पुलिस की दबिश जारी रही। पुलिस ने अधिवक्ता की पुत्रवधू के भाइयों और पिता की तलाश में खतौली समेत कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े। मामले में विधायक दिनेश खटीक समेत 14 लोग नामजद किए गए हैं। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि सुबूतों के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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कचहरी में अधिवक्ता भूख हड़ताल पर बैठे, खलबली
मेरठ। अधिवक्ता ओमकार सिंह की मौत के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज कर दिया। शनिवार को कचहरी में 11 अधिवक्ता दिनभर क्रमिक अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने चेतावनी दी जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अधिवक्ताओं का कहना है कि नामजद भाजपा विधायक दिनेश खटीक के दबाव में पुलिस काम कर रही है। इसके चलते आठ दिन से पुलिस ने एक भी नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर शनिवार सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक अनशन चला। अधिवक्ता पीतांबर त्यागी, जितेंद्र बना, अजयमान, सुनील मलिक, सतेंद्रपाल सिंह, रविन्द्र सिंह पंघाल, संजीव पुंडीर, सुकेन्द्र दहिया, अमरपाल भट्टल, विजय त्यागी, सरताज गाजी भूख हड़ताल पर रहे।
मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री सचिन चौधरी, चौधरी नरेंद्र पाल सिंह, अजय त्यागी, ओपी शर्मा, सुभाषचंद्र त्यागी, गजेंद्र पाल सिंह, उदयवीर राणा, राजेन्द्र जानी, मुकेश मित्तल, तरुण ढाका, संजय शर्मा, नरेशदत्त शर्मा, रामावतार मित्तल, राजकुमार गुर्जर, विनोद चौहान, संतपाल भाटी, यशोदा यादव, उर्वशी सिंह, ममता तिवारी भी मौजूद रहे।
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गाजियाबाद और लखनऊ के अधिवक्ताओं ने मनाया विरोध दिवस
लखनऊ/गाजियाबाद। महोबा और मेरठ में दो वकीलों द्वारा की गई आत्महत्या मामले में कार्रवाई न होने के खिलाफ शनिवार को पूरे प्रदेश में अधिवक्ता बार काउंसिल के आह्वान पर विरोध दिवस मनाया गया। सेंट्रल बार के महासचिव संजीव पांडेय ने बताया कि महोबा में माफिया द्वारा प्रताड़ित वकील मुकेश पाठक और मेरठ में विधायक के उत्पीड़न से परेशान अधिवक्ता ओमकार तोमर ने आत्महत्या कर ली। वहीं गाजियाबाद के बार एसोसिएशन के सचिव मनमोहन शर्मा के नेतृत्व में वकीलों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
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