बारिश में जलभराव के संकट से जूझ रहे रोडवेज वर्कशाप में अब डीजल फिलिंग स्टेशन के अंडरग्राउंड टैंक भी खतरे में आ गए हैं। पांच माह पहले लगे इन टैंकों में बारिश का पानी जा रहा है। इसके चलते टैंकों में जंक लगकर खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं बारिश का पानी रिसकर डीजल में भी मिक्स हो सकता है। तमाम अधिकारी इस समस्या को देखकर भी अंजान बने हुए हैं। किसी भी अधिकारी ने अभी तक समस्या के समाधान के लिए गंभीरता नहीं दिखाई है।
रोडवेज बसों में डीजल भरने के लिए दिल्ली रोड स्थित सेंट्रल वर्कशाप में इंडियन ऑयल कंपनी का डीजल फिलिंग स्टेशन बना है। इस स्टेशन से भैसाली व मेरठ डिपो की बसों को डीजल की आपूर्ति की जाती है। स्टेशन पर डीजल स्टॉक के लिए दो बड़े लोहे के अंडरग्राउंड टैंक लगे हैं। पांच महीने पहले दोनों टैंक खराब होने के चलते बदले गए थे। लेकिन अब इन टैंकों के भी खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। भारी बारिश के चलते टैंक परिसर में एक फिट से ज्यादा चौड़ा गड्ढा हो गया है। उसमें बारिश का हजारों लीटर पानी समा रहा है। रोडवेज अधिकारियों ने न तो इस गड्ढे को बंद कराने की जहमत उठाई है और न ही इसकी सूचना इंडियन ऑयल कंपनी लिमिटेड (आईओसीएल) के अधिकारियों को दी है।
रोडवेज सूत्रों ने बताया कि पहले लगे टैंकों में भी बारिश का पानी रिसने से ही जंक लगा था। इसके चलते दोनों टैंक खराब हो गए थे। अब लगे नए टैंकों में भी बारिश का पानी समा रहा है। इस बारे में सेवा प्रबंधक एसएल शर्मा ने बताया कि फिलिंग स्टेशन के अंडरग्राउंड टैंक लोहे के बने हैं। इनके बीच समा रहे बारिश के पानी का गड्ढा जल्द ही बंद कराया जाएगा। हालांकि टैंक पूरी तरह सुरक्षित होते हैं।