मेरठ। खाप पंचायत का नाम सुनते ही हमारा नजरिया बदल जाता है। अभी तक फिल्मों में खाप पंचायतों को तुगलकी फरमान सुनाते दिखाया गया है, प्रेमियों का दुश्मन भी माना जाता है। लेकिन यह सच नहीं है। इन पंचायतों ने समाज को जोड़ने का कार्य किया है। समाज के सभी वर्गों ने मिलकर समस्याओं के निपटारे के लिए फैसले लिए हैं। यह कहना है फिल्म निर्माता बाबा आरके देव तोमर का। वह शनिवार को जिला पंचायत कार्यालय में ‘प्यार बनाम खाप पंचायत’ फिल्म के प्रमोशन के लिए आए थे।
फिल्म की शूटिंग भी हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली में की गई है। बाबा आरके देव तोमर ने बताया कि पंचायतों के फरमान को तुगलकी फरमान बताकर बदनाम किया जाता है। पंचायत ने कभी किसी प्यार करने वालों को जान से मारने का फरमान नहीं सुनाया। खाप ने समाज को न्याय और सही सुझाव दिए। हर्षवर्धन ने इस व्यवस्था को समाज के सामने रखा और दिल्ली के समंत सम्राट सलक्षण पाल देव तोमर ने खाप को सरकारी मान्यता दी। गांव में न्याय, शिक्षा, सुरक्षा, चिकित्सा की सुविधाएं थी। अगर कोई अपराध होता था तो खाप उसे स्वयं हल कर लेती थी। पंचायत में सभी धर्म या जाति के लोग चौधरी होते थे। खाप में फैसला भी बहुमत से होता था। बाबा आरके देव तोमर ने बताया कि आज न्याय मिलने में बहुत देर हो जाती है।
मुगलों ने तोड़ी व्यवस्था
मुगलों और अंग्रेेजों ने खाप की व्यवस्था को तोड़ दिया। आज समाज के भ्रष्ट नेताओं ने खाप को अपने वोट का आधार बनाने के लिए इसे गलत तरह से प्रस्तुत किया। खाप ने कभी किसी प्रेमी जोड़े को मौत की सजा नहीं सुनाई। खाप पंचायत ने प्रेमी जोड़ों को समाज के नियम कानून के बारे में सुझाव दिए। मामूली रूप से हुक्का पानी बंद करने की सजा सुनाई।
फिल्म का किया प्रमोशन
निर्देशक शुभू पुरोहित ने बताया कि फिल्म के क्रिएटिव डायरेक्ट प्रिंस पठान हैं। फोटोग्राफी शिव शक्ति द्वारा की गई है। फिल्म के नायक वरुण सूरी और नायिका संगीता कपूर व डोनल बिस्ट हैं। फिल्म में खलनायक की भूमिका समीर निभा रहे हैं। फिल्म 3 जनवरी 2020 को रिलीज होगी। इस मौके पर पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर भी मौजूद रहे।