रेलवे की-मैन विवेक चौहान की हत्या के मामले में लगी सर्विलांस ने 100 से अधिक मोबाइल फोन को ट्रेस किया है। साथ ही टीम ने घटनास्थल पर मोबाइल टॉवर से वारदात के समय प्रयोग होने वाले मोबाइल फोन की भी सूची तैयार की है। इसके जरिये पुलिस हत्यारोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। एसएसपी का कहना है कि पुलिस अब जल्द इस वारदात का खुलास करेंगी।
भावनपुर थाना क्षेत्र के लू-बक्सर गांव निवासी रेलवे विभाग में की-मैन के पद पर कार्यरत विवेक चौहान की हत्या हुए एक सप्ताह बीत गया है मगर अभी तक हत्याकांड का मुंडाली पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। चार जनवरी की रात लगभग आठ बजे बदमाशों ने विवेक चौहान की चाकू से हत्या कर दी थी। विवेक खरखौदा रेलवे स्टेशन पर कार्यरत थे। रोजाना की भांति उस रोज भी वो बाइक द्वारा अपनी ड्यूटी खरखौदा जा रहे थे। मुंडाली थाना क्षेत्र में अजराड़ा चौराहे के पास बदमाशों ने विवेक चौहान के सीने पर चाकू से हमला किया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने घायल विवेक को मेरठ मेडिकल भिजवाया, मगर रास्ते में ही उनकी मौत हो गई थी। उसके बड़े भाई रोहित ने मुंडाली थाने पर अज्ञात आरोपियों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
एसएसपी ने वारदात के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीम लगाई थी। पुलिस परिजनों से भी पूछताछ कर चुकी है, मगर कोई सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस अब सर्विलांस के जरिए बदमाशों की तलाश में लगी है। एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि कपसाड़ की घटना के कारण टीम वहां लग गई थी। अब सर्विलांस की दो अन्य टीम लगाई है। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिए पुलिस साक्ष्य एकत्र कर रही है। मौके से बीटीएस उठाने के बाद कई मोबाइल फोन ट्रेस किए गए है। जल्द खुलासा किया जाएगा।