अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस व्यापारियों और आम लोगों से बाजारों और घरों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने की अपील कर रही है। व्यापारी इस पर अमल भी कर रहे हैं। जरायम के कई चेहरे शहर में लगे ऐसे कैमरों में वारदातों के दौरान कैद हुए। लेकिन इनकी गिरफ्तारी तो दूर खाकी इनका सुराग तक नहीं लगा सकी। पीड़ितों को आज भी अपने केस के खुलासे का इंतजार है।
व्यापारी के लुटेरों की पहचान नहीं
3 जनवरी को देहली गेट थानाक्षेत्र के सराफा बाजार में चार बदमाशों ने कासगंज के व्यापारी से 6 लाख रुपये की नगदी और जेवर लूटे थे। बदमाशों ने खुद को पुलिस वाला बताया और व्यापारी की तलाशी के नाम पर वारदात की। इस घटना के आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। दो बदमाशों के चेहरे एकदम स्पष्ट थे। लेकिन पुलिस आज तक भी इनका पता नहीं लगा सकी।
नहीं मिला लेड की प्लेटों से लदा कैंटर
23 मार्च की रात टीपी नगर थाना क्षेत्र के मेवला पुल के नीचे से लेड की प्लेटों से भरा कैंटर चोरी हो गया था। ये प्लेटें कंकरखेड़ा की एक फैक्ट्री से मुंबई के भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर जानी थीं। कैंटर चोरी कर ले जाने वाले दो आरोपी परतापुर में एक पेट्रोल पंप पर डीजल भरवाने गए थे तो उनके चेहरे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। लेकिन आज तक इन आरोपियों को पकड़ना तो दूर इनका कोई सुराग तक पुलिस नहीं लगा सकी।
हमलावर पकड़ से दूर
25 अप्रैल को परतापुर थानाक्षेत्र में एनएच-58 पर सरेआम गुंडई हुई। इसका वीडियो वायरल हुआ। इसमें कुछ युवक एक युवक को दौड़ा दौड़ाकर पीट रहे थे। पीड़ित युवक के पिता ने थाने पहुंचकर तीन नामजद सहित 4-5 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन आरोपी पकड़ से दूर हैं। वहीं, मेट्रो प्लाजा के निकट मुंबई के व्यापारी से बदमाशों ने तलाशी के नाम पर लाखों की लूट की। इसके आरोपी भी पकड़ से दूर हैं।
पहचान होते ही गिरफ्तारी होगी
संबंधित थाना पुलिस आरोपियों की पहचान के पूरे प्रयास कर रही है। फुटेज सार्वजनिक कर लोगों से भी इनकी पहचान करने की अपील की जा चुकी है। पहचान होते ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। -श्रीप्रकाश द्विवेदी, एसपी सिटी