कविता चौधरी अपहरण कांड ने मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी को हिला दिया था। इसमें कई नेताओं के नाम सामने आए थे। इसके अलावा बुलंदशहर और मेरठ में लोगों ने आंदोलन भी किया था।
कविता चौधरी बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के घनसूरपुर गांव की रहने वाली थी। वह सीसीएसयू कैंपस में ललित कला विभाग में अस्थाई प्रवक्ता थी। 23 अक्तूबर 2006 को वह लापता हो गई थी। इससे पहले दुर्गा भाभी हॉस्टल में मेस ठेकेदार को लेकर हुए विवाद में उन्हें हॉस्टल से निकाल दिया था। पूर्व कुलपति प्रो. रमेशचंद्रा के समय में कविता ने पीएचडी जमा की थी। इसके बाद दूसरे कुलपति आरपी सिंह के समय में डीलिट के लिए पंजीकरण कराया था।
कविता के गायब होने के बाद ही उसके भाई सतीश ने मेरठ और बुलंदशहर पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया था। कविता के भाई ने पहले स्याना कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में मामला विश्वविद्यालय से जुड़ा होने पर मेरठ ट्रांसफर कर दिया था। सीओ स्याना ने जब कविता का कमरा खुलवाया था तो उसमें कई पत्र मिले थे। पुलिस ने दावा किया था कि वह कविता द्वारा लिखे गए हैं।
पुलिस के मुताबिक कविता ने पत्र में लिखा था कि उसके साथ मारपीट, पिस्टल तानने और जबरन अपने साथ ले जाया जा रहा है। उसकी हत्या भी की जा सकती है। जबकि दूसरे पत्र में कविता ने एक व्यक्ति का नाम लिखकर बताया था कि वह मुझे ब्लैकमेल कर रहा है, जो शादी करने की धमकी देता है।
सीएम ने दिए थे जांच के निर्देश
तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद मेरठ जोन के आईजी को पूरे प्रकरण में खुद जांच करने के लिए उतरना पड़ा। जिसके लिए मोबाइल की कॉल डिटेल और सीडी की जांच के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों को लगाया गया था।