मीरापुर का आकांक्षा कॉलेज (बाएं)
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू के कठुआ में 10 जनवरी को आठ साल की बच्ची का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जम्मू पुलिस ने सांझीराम नाम के एक व्यक्ति, उसके नाबालिग भतीजे और दो अन्य लोगों को गैंगरेप और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सांझीराम के बेटे विशाल जंगोत्रा पर भी मामले में शामिल होने की बात कही थी। विशाल मुजफ्फरनगर के मीरापुर में रहकर आकांक्षा कॉलेज से बीएससी एजी कर रहा था। उसकी नौ जनवरी से खतौली केके जैन डिग्री कॉलेज में परीक्षाएं चल रही थी। मामले में एसआईटी ने दावा किया था कि विशाल 11 जनवरी की शाम मीरापुर से जम्मू गया और वारदात को अंजाम दिया। खुद को बचाने के लिए उसने अपनी जगह 12 जनवरी को किसी दूसरे युवक से परीक्षा दिलाई थी। इसे साबित करने के लिए एसआईटी की टीम लगातार सुबूत जुटा रही है लेकिन ऐसे रिकॉर्ड नहीं मिल रहे जिससे ये साबित हो कि विशाल की जगह किसी ओर ने परीक्षा दी।
जम्मू एसआईटी की मेरठ पुलिस से मुलाकात पर सवाल
कई दिनों से टीम मेरठ और मुजफ्फरनगर में दौड़ती रही। लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा। थक-हारकर जम्मू टीम ने मेरठ पुलिस से मुलाकात कर विशाल के यूनिवर्सिटी में हुई एमबीबीएस कॉपियों की अदला-बदली में शामिल होने का सवाल पूछा तो जांचकर्ता सीओ संजीव देशवाल ने साफ इंकार कर दिया। जम्मू से आए पुलिसकर्मियों से स्पष्ट कह दिया गया कि विशाल का इन मामलों से कोई कनेक्शन नहीं है। वे उनकी कोई मदद नहीं कर सकते हैं। यह सवाल चर्चा में है कि जम्मू एसआईटी ने जब विशाल को आरोपी बनाया है तो वो सुबूत जुटाने में मेरठ पुलिस की मदद क्यों चाहती है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/