पूरे प्रकरण में विवि की बदनामी होने के बाद मंगलवार को विवि के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. एचएस सिंह ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया। समिति विशाल के प्रवेश पत्र से लेकर एडमिशन फार्म और तमाम दूसरे कागजातों में किए गए हस्ताक्षरों का एक्सपर्ट से मिलान कराएगी। इसके साथ ही कॉपी की हैंड राइटिंग भी मिलान कराई जाएगी। यूनिवर्सिटी के अफसरों ने कहा कि अगर विशाल की जगह पेपर किसी दूसरे युवक ने दिए थे तो इस मामले में सेंटर संचालक और ड्यूटी देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई होगी। समिति में रजिस्ट्रार, एक रिटायर प्राचार्य और प्रोफेसर को रखा गया है।
एक दिन में कैसे ढूंढ लिया सॉल्वर
जम्मू एसआईटी ने चार्जशीट में कहा है कि विशाल को मुख्य आरोपी दीपक खजूरिया ने 11 जनवरी को फोन कर जम्मू बुलाया था। विशाल मुजफ्फरनगर से 12 जनवरी की सुबह छह बजे जम्मू पहुंचा। ऐसे में अगर एसआईटी की बात सच भी मान ली जाए तो बड़ा सवाल ये है कि विशाल ने एक दिन ही परीक्षा देने के लिए सॉल्वर कैसे ढूंढ लिया। यूनिवर्सिटी की जांच में ये सब साफ हो जाएगा।
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