इस मामले में जम्मू एसआईटी ने जो चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है, उसमें बताया गया था कि विशाल झूठ बोल रहा था। वारदात के दिन वो जम्मू आया था। उसकी जगह खतौली में सेंटर पर पेपर किसी अन्य युवक ने दिए थे।
इसके साथ ही एसआईटी ने यूनिवर्सिटी के कुछ कर्मचारियों और कॉलेज चेयरमैन पर पैसे लेकर ये सब गड़बड़झाला विशाल को बचाने के लिए किए जाने की बात कही थी।
एसआईटी यूनिवर्सिटी से विशाल की कॉपियों के साथ ही सारे दस्तावेज और कॉलेज से सीसीटीवी की डीवीआर ले गई थी। जिस तरह से कोर्ट ने विशाल को बरी करार दिया है, उससे साफ हो गया है कि जम्मू एसआईटी ये साबित नहीं कर पाई कि वारदात के वक्त विशाल मेरठ में परीक्षा नहीं दे रहा था।