मेरठ में एनएच 58 बाइपास पर वेदव्यासपुरी के सामने विवादित पोस्टर लगाने वाले अमित जानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने विवादित पोस्टर भी हटा दिये है। धारा 153 बी और धार्मिक भावनाओं को ठोस पहुंचाने के आरोप में परतापुर थाने में केस दर्ज किया गया।
बता दें कि कश्मीरियों के खिलाफ उप्र नव निर्माण सेना संस्थापक अमित जानी ने बृहस्पतिवार को आपत्ति जनक होर्डिंग लगाए थे। इनमें साफ चेतावनी लिखी गई है कि कश्मीरियों उत्तर प्रदेश छोड़ो वरना...। इतना ही नहीं, इन होर्डिंग के फोटो सोशल मीडिया पर भी लगातार वायरल किए जा रहे हैं।
अमित जानी इससे पहले भी कई बार विवादों में रह चुके हैं। लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा तोड़ने के आरोप में वह पहली बार विवादों में आए। मामला इतना तूल पकड़ गया था कि तत्काल ही यूपी की सपा सरकार को मायावती की नई प्रतिमा लगवानी पड़ी थी। इसके अलावा दिल्ली में पुलिस ने एक बस में असलाह पकड़े थे। साथ में पकड़े गए युवकों ने बताया था कि उन्हें अमित जानी ने दिल्ली के छात्र नेता कन्हैया की हत्या की सुपारी दी है। साथ में चिट्ठी भी बरामद हुई थी। अब एनएच 58 पर वेदव्यासपुरी के सामने होर्डिंग लगाकर वे फिर से विवादों में हैं। सोशल मीडिया पर भी इसके फोटो वायरल हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि भारतीय सेना पर पत्थर मारने वाले कश्मीरियों का बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि फेसबुक पर अमित कह रहे हैं कि जिन कार्यकर्ताओं ने यह होर्डिंग लगाए हैं उन्हें बता दूं कि तीन माह तक कश्मीरियों के विरोध में आंदोलन चलेगा। उनसे व्यवहार, व्यापार, सलाम सब बंद रहेगा और आंदोलन में हिंसा नहीं होगी।