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कश्मीर की कारबाइन से वेस्ट यूपी में बहाते थे खून

Mon, 04 Jun 2018 11:25 AM IST
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फाइल फोटो
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एसटीएफ की मुठभेड़ में मारे गए बदमाश हिमांशु नरसी उर्फ टाइगर और धीरज से मिली कारबाइन जम्मू कश्मीर की बताई गई है। इस कारबाइन से दोनों बदमाश पश्चिम उत्तर प्रदेश में लूटपाट के दौरान लोगों का खून बहा रहे थे। यह कारबाइन इन बदमाशों को कैसे मिली, इसकी जांच करने के लिए पुलिस की एक टीम जम्मू कश्मीर जाएगी। 

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हथियार सप्लायर या आतंकियों से संपर्क 
जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि कुख्यात योगेश भदौड़ा का नेटवर्क कश्मीर तक फैला बताया है, जहां से उसके शूटरों को अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जाते हैं। नरसी गैंग के बदमाश सूरज की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस अफसरों के अनुसार सूरज को जानकारी हो सकती है कि कारबाइन किससे लाए थे। पुलिस अफसरों का दावा है कि हथियार उपलब्ध करने के लिए यह गैंग हथियार सप्लायरों या फिर किसी आतंकी के संपर्क में भी हो सकते हैं। क्योंकि कारबाइन बहुत कम बेची जाती है। पुलिस ने दोनों अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला है। उनके मोबाइल फोन नंबर की सीडीआर भी निकाली है। ये बदमाश फिलहाल किसके संपर्क में थे, इसकी जांच गहराई से की जा रही है।

दोनों कारबाइन एक जैसी निकलीं  
कुख्यात योगेश भदौड़ा को सन 2013 में मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस दौरान उसके पास से एक कारबाइन बरामद हुई थी। अब उसके शूटरों हिमांशु उर्फ नरसी व हिमांशु से एक कारबाइन मिली है। पुलिस ने दोनों कारबाइन का मिलान कराया है। पुलिस का दावा कि दोनों कारबाइन एक जैसी हैं। बताया जा रहा है कि ऐसी कारबाइन कश्मीर में मिलती है। कश्मीर पुलिस के पास ऐसी कारबाइन होती हैं। 
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लूटी हुई या सरकारी कारबाइन 
कारबाइन की जांच क्राइम ब्रांच करने में जुटी है। कारबाइन लाइसेंसी है या सरकारी, इसकी जांच के लिए डीसीआरबी के अलावा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की मदद ली जा रही है। पुलिस अफसरों के अनुसार जांच का पहलू यह है कि योगेश भदौड़ा गैंग ने कारबाइन लूटी तो नहीं थी। लेकिन सवाल बड़ा है कि अगर लूटी हुई होती तो उसका मुकदमा कहीं तो दर्ज होता।

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20 साल पूर्व मिलता था लाइसेंस 

राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी मेरठ
एसएसपी मेरठ ने बताया कि कारबाइन के लाइसेंस 20 साल पहले बनते थे। उसके बाद उनको बंद किया गया। उत्तर प्रदेश में इक्का दुक्का ही कारबाइन के लाइसेंस हैं। मेरठ जनपद में रासना सरूरपुर निवासी प्रदीप त्यागी के पास कारबाइन का लाइसेंस है। जिनके पास कारबाइन के लाइसेंस थे और उनकी मौत हो गई तो उनकी कारबाइन जमा करा ली गई। कारबाइन का लाइसेंस विरासत में नहीं दिया जाता। 

सूरज खोल सकता कई राज 
पुलिस का मानना है कि नरसी गैंग का एक बदमाश सूरज एसटीएफ के रडार पर है। नरसी गैंग के निशाने पर कौन-कौन थे, इसका खुलासा सूरज कर सकता है। सूरज हाइवे पर लूट के दौरान हुई दुल्हन महविश की हत्या में भी नामजद है। पुलिस गैंग से जुड़े तीन बदमाशों से जेल में जाकर पूछताछ करेगी।

यह है मामला 
मंगलवार तड़के एसटीएफ व बदमाशों की कंकरखेड़ा मेरठ क्षेत्र के जंगेठी गांव के जंगल में मुठभेड़ में हिमांशु उर्फ नरसी और धीरज चौधरी को मुठभेड़ में मार गिराया था। ये दोनों बदमाश 27 अप्रैल को एनएच-58 पर लूट के दौरान दुल्हन महविश परवीन की हुई हत्या में नामजद थे। बदमाशों से एक कारबाइन, तीन पिस्टल व एक तमंचे और काफी मात्रा में कारतूस मिले थे। इन बदमाशों ने कारबाइन से पुलिस पर गोलियां बरसाईं थीं। जिसके बाद से पुलिस कारबाइन की जांच करने में जुटी है। 

कश्मीर की बरामद कारबाइन
बदमाशों से बरामद कारबाइन कश्मीर की बताई जा रही है। एनसीआरबी को भी रिपोर्ट भेजी है। पुलिस हर बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी मेरठ

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