शहर में बवाल को लेकर खुफिया विभाग द्वारा जारी किए गए इनपुट के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। आंबेडकर जयंती के अवसर पर शहर में कड़ा पहरा रहेगा। सुबह सात बजे से ही पुलिस अलर्ट रहेगी। वहीं इंटरनेट सेवाएं भी शुक्रवार रात से बंद कर दी गई हैं। उधर, पुलिस ने चेतावनी दी है कि कि अगर किसी ने उत्पात मचाया तो उसको सीधे जेल भेजा जाएगा।
आंबेडकर जयंती पर शनिवार को पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। डीएम और एसएसपी ने जनपद में लगाई गई पुलिस, पीएसी और आरएएफ का जायजा लिया। पुलिस ने बताया है शहर में 21 व देहात में 35 अतिसंवेदनशील प्वाइंट निर्धारित किए हैं। जहां पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी तैनात किए गए हैं। एसएसपी ने बताया कि जनपद को आठ जोन में बांटकर शहर में 12 और देहात में 10 सेक्टर बनाए हैं। जहां पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है। शोभायात्रा, आंबेडकर प्रतिमा और संवेदनशील इलाके में अलग से पुलिस और पीएसी लगाई है।
यह रहेगी फोर्स
एसएसपी ने बताया कि 14 अप्रैल को तीन कंपनी आरएएफ, 5 कंपनी पीएसी, आठ क्यूआरटी (160 पुलिस वाले) पुलिस लाइन, तीन क्यूआरटी महिला पुलिस लगी है। एसएसपी ऑफिस, क्राइम ब्रांच व अन्य विभागों में तैनात 170 पुलिस वाले भी तैनात रहेंगे। जनपद में तैनात 58 इंस्पेक्टर, 293 दरोगा, 450 हेड कांस्टेबल, 2831 पुरुष कांस्टेबल, 11 महिला दरोगा और 457 महिला कांस्टेबल को भी लगाया हैं।
ड्रोन से नजर, वीडियोग्राफी होगी
पुलिस ने शोभायात्रा पर निगरानी के लिए तीन ड्रोन लगाए हैं। कई पुलिस वाले वीडियोग्राफी भी करेंगे, ताकि कोई उत्पात मचाए तो उस पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही भी बर्दाश्त नहीं होगी।
ऐसे बांटा जनपद
एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने बताया कि शहर में पांच और देहात में चार सीओ सर्किल हैं। इसके अलाव तीन सीओ ट्रैफिक में, एक सीओ पुलिस ऑफिस में और एक फायरब्रिगेड में है। शहर को 12 सेक्टरों में और देहात को 10 सेक्टरों में बांटकर सीओ की ड्यूटी निर्धारित की है। सीओ अपने-अपने सेक्टरों में थानेदारों को साथ लेकर आंबेडकर जयंती पर सुरक्षा व्यवस्था बनाएंगे।
ऑफिस में नहीं, सड़क पर पुलिस
आंबेडकर जयंती पर सुरक्षा में लिए अधिकारियों ने अपना ऑफिस तक खाली कर दिया है। शनिवार को कोई पुलिसकर्मी ऑफिस में नहीं बैठेगा। वह सड़क पर अधिकारियों के साथ दिनभर घूमेगा। पुलिस का कहना है कि बाहर से पुलिस फोर्स मांगा गया था, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने अपने ऑफिसों में लगे पुलिसकर्मी और होमगार्डों को भी सुरक्षा में लगाया है।
शोभापुर गांव में पुलिस का डेरा
शोभापुर गांव का शुक्रवार को एसपी सिटी, एडीएम सिटी, एसडीएम सदर सहित कई अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में होने वाले कार्यक्रम न करने की बात कही। हालांकि गांव में पुलिस फोर्स चप्पे चप्पे पर तैनात हो गई हैं।
दो अप्रैल को हुए बवाल में शोभापुर गांव के दलित समाज के करीब 85 लोगों को नामजद किया गया था। जिसमें से दर्जनों जेल भी जा चुके हैं और बाकी फरार हैं। चार अप्रैल को उपद्रव में नामजद गोपी पारिया की हत्या गांव के ही मनोज गुर्जर ने अपने साथियों के साथ कर दी थी। जिसके बाद से मामला और तूल पकड़ गया।
गोपी की हत्या के बाद से ही गांव में तनावपूर्ण शांति है। दलित समाज के लोगों ने गोपी की हत्या को लेकर आंबेडकर जयंती न मनाने व किसी तरह की कोई झांकी या शोभायात्रा निकालने से इंकार किया है। शुक्रवार को एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एडीएम सिटी मुकेश चंद्र, एसडीएम सदर अमिताभ यादव, सीओ दौराला पंकज कुमार व इंस्पेक्टर दीपक शर्मा ने मय फोर्स गांव का दौरा किया। अधिकारियों ने दोनों पक्ष के लोगों से जानकारी ली। बसपा से पूर्व पार्षद बॉबी गुर्जर सहित अन्य लोगों ने जयंती पर किसी भी तरह के कार्यक्रम का आयोजन करने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि कोई कार्यक्रम नहीं होगा और गांव में सौहार्द व भाईचारे का माहौल बनाए रखेंगे।
बवाल हुआ तो निपटेगी पुलिस
एडीएम सिटी मुकेश चंद्र और एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने गांव के लोगों को भरोसा दिलाया कि अगर वह जयंती मनाना चाहते हैं तो बेशक मनाएं। पुलिस प्रशासन उनका भरपूर सहयोग करेगा। अगर पुलिस प्रशासन को गुमराह करके कोई आयोजन करके गांव का माहौल खराब करने की कोशिश की गई तो पुलिस सख्ती से निपटेगी।
बेकसूर को जेल मत भेजो
ग्रामीणों ने एसपी सिटी से कहा कि दो अप्रैल को जो भी हुआ वह वास्तव में शर्मनाक है। लेकिन इसमें गांव के बहुत से निर्दोष लोगों को नामजद किया गया है। गांव के कुछ राजनीतिक लोगों ने मौके का फायदा उठाकर षड्यंत्र के तहत दलितों को फंसाया है। एसपी सिटी ने आश्वासन दिया कि डरने की कोई जरूरत नहीं। अब जो भी कार्रवाई होगी जांच के बाद ही होगी। वहीं गोपी के पिता ने गोपी हत्याकांड के पांचवें आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की।
सोशल मीडिया पर शिकंजा
मेरठ। आंबेडकर जयंती पर सोशल मीडिया से अफवाहें फैलाई जा सकती हैं। इसको देखते प्रशासन ने इंटरनेट सेवा 22 घंटे के लिए बंद कर दी है। वहीं लोगों का कहना कि बवाल की अफवाहें कुछ लोग फैलाते हैं, लेकिन हर्जाना आम जनता को भुगतना पड़ता है। सोशल मीडिया पर एससी-एसटी एक्ट खत्म करने की अफवाह फैलाकर लोगों को जोड़ा गया। उसके बाद दो अप्रैल को बवाल हुआ। आंबेडकर जयंती पर भी बवाल होने की आशंका है। इसको देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार रात दस बजे इंटरनेट सेवा बंद कर दी, जो शनिवार रात आठ बजे के बाद चालू होगी। प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर इंटरनेट बंद कराया हैं।
सुबह सात बजे से पुलिस अलर्ट
मेरठ। सुबह सात बजे से पुलिस अलर्ट हो जाएगी। एसएसपी ने बताया कि आंबेडकर प्रतिमा पर शुक्रवार रात से ही पुलिस फोर्स बढ़ा दी है। सदर बाजार से शुरू होने वाली शोभायात्रा शहर में अंदर से होती कचहरी आंबेडकर चौराहे पर पहुंचेगी। शहर में यह सबसे बड़ी शोभायात्रा हैं। इसको देखते सुबह सात बजे से पुलिस की ड्यूटी निर्धारित की है।
कंकरखेड़ा, आंबेडकर चौराहे पर ज्यादा फोकस
एसएसपी ने बताया दो अप्रैल को कंकरखेड़ा बाईपास और कचहरी स्थित आंबेडकर चौराहे पर सबसे ज्यादा बवाल हुआ था। इसको देखते हुए दोनों ही जगहों पर पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर ज्यादा फोकस किया है। पुलिस ने शोभायात्रा के आयोजकों को पहले से ही चेतावनी दी हुई है।