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कड़े मुकाबले में नजदीक से छुएंगे जीत का पाला

Wed, 18 May 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बार चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ बार एसोसिएशन के चुनावी रण में इस बार कड़ा मुकाबला होगा। धुरंधरों के बीच जोर आजमाइश शुरू हो गई है। चुनावी पंडित भी मानकर चल रहे हैं कि इस बार की जीत प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि के साथ ही परंपरागत वोट बैंक पर निर्भर करेगी। माना जा रहा है कि परिणाम अप्रत्याशित आएंगे।
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मेरठ बार एसोसिएशन को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं का सबसे बड़ा संगठन माना जाता है। एसोसिएशन के सत्र 2016-2017 के चुनावों का बिगुल बज चुका है। मुख्य मुकाबले अध्यक्ष और महामंत्री पद के प्रत्याशी मैदान में उतर चुके हैं, लेकिन इस बार नजारा पिछले चुनावों से कुछ अलग है। बार एसोसिएशन की राजनीति में धुरंधर कहे जाने वाले पदाधिकारी खुद मान रहे हैं कि राह आसान नहीं है। एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ खुलकर बोल रहे हैं तो कई अभी अपने पत्ते नहीं खोल रहे। ऐसे में कचहरी के चुनावी पंडित भी कह रहे हैं कि अंतिम समय में फाइट दो धुरंधरों के बीच ही रहेगी। जीत नजदीकी होगी।

अधिवक्ताओं के मन की बात
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का मुद्दा कब तक चलेगा? कचहरी में कैसे ज्यादा से ज्यादा काम हो? युवा वकीलों के चेंबर के मुद्दे के साथ ही अधिवक्ताओं के हितों के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे? अधिवक्ता बेहतर वातावरण चाहते हैं, ताकि कचहरी में आने वाली आम जनता को भी इसका लाभ मिल सके। यहां अधिवक्ताओं की सुरक्षा का भी सवाल है।
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ये प्रत्याशी उतर चुके मैदान में
मुख्य चुनाव अधिकारी चौ. नरेंद्र पाल सिंह के अनुसार कुल 21 पदों पर चुनाव होंगे। जिनमें अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्ष के अलावा दो कनिष्ठ उपाध्यक्ष, तीन संयुक्त सचिव, छह कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य, छह वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्यों के पदों के लिए चुनाव होगा।
इनमें अध्यक्ष पद पर रोहिताश्व अग्रवाल, कुंवर पाल शर्मा और गजेंद्र पाल सिंह मैदान में आ चुके हैं वहीं, चौ. धीर सिंह के अलावा दावेदारी बढ़ सकती है। महामंत्री पद के लिए सतीश बालियान, अजय शर्मा, अरजिंदर सिंह बिरमानी, अमर पाल सिंह भट्ठल, सतीश कुमार रूहासा, बीरपाल करनावल, सुरेश पाल सामने आ चुके हैं। जबकि ठा. भोजप्रताप सिंह, डॉ. आर्येंद्र राणा, जसपाल गुजराल और देवकरण शर्मा की भी चर्चा है। अध्यक्ष पद के लिए 30 हजार रुपये और महामंत्री पद के लिए 15 हजार रुपये फार्म शुल्क होगा।

तीन हजार हैं वोट
मंगलवार को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार एसोसिएशन में 4944 सदस्य हैं। जिसमें से इस बार सिर्फ तीन हजार अधिवक्ता ही वोट करेंगे। दरअसल ये 1944 अधिवक्ताओं के नाम चंदा जमा न कराए जाने सहित अन्य कारणों के चलते काट दिए गए हैं। अब बात यहां यदि जातिगत वोटिंग की आएगी तो यह धुरंधरों का वोट बैंक कम होने की तरफ सीधा संकेत है।

रुक सकती है चुनावी डगर
वहीं कुछ अधिवक्ताओं का यह भी कहना है कि इस बार के चुनाव मॉडल बाइलॉज के खिलाफ हो रहे हैं।  इस मामले को लेकर यूपी बार और इंडिया बार काउंसिल से भी पत्राचार शुरू हो गया है। यदि किसी भी काउंसिल से कोई कार्यवाही होती है तो तय है कि इस बार चुनाव स्थगित भी हो सकते हैं।

एक पक्ष यह भी
इस बार के चुनाव में दलगत और जातिगत राजनीति धराशायी होने के भी अनुमान लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कोई भी इस बार वोट दिलाने की गारंटी लेने को तैयार नहीं है।
ईवीएम से हो सकते हैं चुनाव
चुनाव इस बार ईवीएम से हो सकते हैं। इसको लेकर मंथन चल रहा है। एक-दो दिन में स्थिति साफ हो जाएगी।

अब आगे क्या होगा
20 मई को नामांकन भरने की प्रक्रिया और जांच होगी। 21 मई को नाम वापसी, अंतिम प्रत्याशियों की सूची जारी होगी। 27 मई की सुबह 8:30 बजे से सायं 5 बजे तक मतदान होगा। 28 मई को चुनाव परिणाम घोषित होगा।
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