संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कपसाड़ हत्याकांड के मुख्य आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर बुधवार को निर्णय पारित नहीं हो पाया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट की अदालत ने समय के अभाव के चलते पत्रावली को निर्णय हेतु आरक्षित कर लिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई पर फैसला आने की उम्मीद है।
आरोपी पारस सोम को जुवेनाइल बोर्ड ने पहले बालिग घोषित किया था। इस फैसले के विरुद्ध न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट की अदालत में चुनौती दी गई थी। अदालत में यह याचिका दायर की गई थी कि आरोपी को नाबालिग माना जाए। बुधवार को इस महत्वपूर्ण प्रकरण में फैसला आने की उम्मीद थी। हालांकि, समय की कमी के कारण अदालत निर्णय नहीं सुना सकी। अब पत्रावली को निर्णय के लिए नियत किया गया है। अगली सुनवाई पर इस मामले में अंतिम फैसला आने की संभावना है।
यह मामला सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव से जुड़ा है। आरोपी पारस सोम पर 08 जनवरी 2026 को अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या करने उसकी बेटी रूबी का अपहरण करने का भी आरोप है। इस संबंध में थाना सरधना में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की उम्र का निर्धारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।