ग्रामीण बोले-दर्द को राजनीति न बनाया जाए
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई राजनीतिक दल पीड़ित परिवार के दर्द को राजनीतिक मंच पर भुनाने में लगे हैं। किसी ने सहायता राशि की घोषणा की, तो किसी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर सरकार और प्रशासन को घेरा।
ठोस कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि राजनीतिक दल वास्तव में पीड़ित परिवार के साथ हैं, तो उन्हें सिर्फ बयानबाजी और फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गांव में स्थायी शांति बहाली के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए।
पुलिस ने नेताओं को घर में नजरबंद किया
कपसाड़ गांव आने की तैयारी कर रहे नेताओं की बागपत पुलिस ने रात में ही घेराबंदी कर ली। पुलिस ने रात को ही सपा जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह को पुलिस ने घर में नजरबंद कर लिया।
बसपा जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी से भी पूछताछ कर पुलिसकर्मी वापस लौट गए। घर में नजरबंद किए गए सपा जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव ने कहा कि घटना में आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप लगाया कि विपक्ष को पीड़ितों की आवाज उठाने से रोकने के लिए तानाशाही दिखाई जा रही है।
कपसाड़ प्रकरण को लेकर पुलिसकर्मी पिलाना गांव में कांग्रेस जिलाध्यक्ष लव कश्यप के घर पहुंचे लेकिन लव कश्यप बाहर होने के कारण नहीं मिले। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने फोन पर जिलाध्यक्ष से बात की और फिर वापस चले गए।