गांव कपसाड़ में मृतक महिला के घर परिजनों से वार्ता करते पूर्व विधायक संगीत सोम व सुनील भराला।
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संगीत सोम और समता मूलक दल के लोग कपसाड़ गांव में आमने-सामने आ गए। समता मूलक दल के कार्यकर्ताओं को परिजनों से मिलने से रोका गया तो उन्होंने भाजपा सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगा दिया। इसे लेकर संगीत सोम भड़क गए।
शनिवार को सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम और भाजपा नेता पंडित सुनील भराला पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें सीधे प्रवेश की अनुमति दे दी। इसी दौरान वहां मौजूद समता मूलक दल के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगा दिया।
इस पर संगीत सोम भड़क उठे। उन्होंने मृतका सुनीता के बेटे नरसी से स्पष्ट कहा कि यदि इन कार्यकर्ताओं को यहां बुलाया गया तो मैं वापस चला जाऊंगा। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
एआईएमआईएम ने किया प्रदर्शन, मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा
दोपहर में एआईएमआईएम के कार्यकर्ता भी पुलिस की नाकेबंदी को चकमा देकर पगडंडियों के सहारे गांव में दाखिल हुए। पुलिस ने उन्हें गली के कोने पर रोक लिया, जहां कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। बाद में पुलिस ने 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को ही पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी।
मीडियाकर्मियों को रोका, हुई धक्का मुक्की
कपसाड़ गांव में कवरेज के लिए पहुंचे एक चैनल के संवाददाता ने पुलिस पर गांव में जाने से रोकने का आरोप लगाया। आरोप है कि सीओ ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उनके साथ अभद्रता और धक्का मुक्की की। विरोध करने पर मारपीट की गई। मीडियाकर्मी ने किसी तरह गांव पहुंचकर पूर्व विधायक को इसकी जानकारी दी, जिस पर पूर्व विधायक ने उक्त पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
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