हस्तिनापुर। शिवरात्रि पर्व नजदीक आते ही कांवड़िया अपने-अपने गंतव्य के करीब पहुंचने लगे हैं। सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा, कंधे पर कांवड़ और जुबां पर भोलेनाथ का नाम लिए शिवभक्त अब घरों की ओर लौट रहे हैं। लंबी यात्रा से कदमों में थकान जरूर है, लेकिन चेहरे पर उत्साह और मन में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था दिखाई दे रही है।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की टोलियां हस्तिनापुर से होकर गुजर रही हैं। कांवड़ मार्ग पर कहीं डीजे की धुन पर शिवभक्त झूमते नजर आ रहे हैं तो कहीं विश्राम करते हुए भोलेनाथ के जयकारे लगा रहे हैं। भगवा रंग में रंगे मार्ग पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण शिवमय बना हुआ है।
गंतव्य नजदीक आने के साथ ही कांवड़ियों का उत्साह और बढ़ गया है। थकान के बावजूद वे तेजी से शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। रास्ते में लगाए गए कांवड़ शिविरों में शिवभक्तों को भोजन, पानी, चिकित्सा और विश्राम की सुविधाएं मिल रही हैं। स्थानीय लोग भी कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं।