मेरठ से हरिद्वार जाने के लिए रूट बदल दिया गया है। अब मेरठ से बिजनौर होकर हरिद्वार नहीं, बल्कि मेरठ से मीरापुर-मुजफ्फरनगर- रामपुर तिराहा- देवबंद-सहारनपुर-छुटमलपुर से होकर रोडवेज बसें देहरादून से हरिद्वार जा रही हैं। बसों का यह रूट 11 अगस्त तक लागू रहेगा। इससे यात्रियों की जेब पर भी भार बढ़ गया है। दूरी बढ़ने पर परिवहन निगम ने मेरठ से हरिद्वार का यात्री किराया 267 रुपये से बढ़ाकर 484 रुपये प्रति यात्री कर दिया है।
हरिद्वार से बिजनौर और अन्य सभी मार्गों पर कांवड़ियों का सैलाब है। गत शनिवार तक मेरठ सोहराबगेट से हरिद्वार जाने वाली सभी रोडवेज बसों को बिजनौर के रास्ते हरिद्वार भेजा जा रहा था। अब इस मार्ग पर भी शिवभक्तों की भीड़ बढ़ गई है। प्रशासन ने बिजनौर मार्ग को भी वन-वे कर दिया है। इसलिए रोडवेज बसों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया है। मेरठ के सोहराब गेट से हरिद्वार जाने वाली बसों का संचालन मीरापुर, मुजफ्फरनगर, रामपुर तिराहा, से देवबंद-सहारनपुर-छुटमलपुर होते हुए देहरादून के रास्ते हरिद्वार जा रही हैं।
रूट डायवर्जन होने के बाद बढ़े किराए को लेकर यात्रियों की नाराजगी निगम के चालकों-परिचालकों को झेलनी पड़ रही है। यात्री रोडवेज बसों से सफर करने की बजाय ट्रेन की तरफ रुख कर रहे हैं। यही कारण है कि मेरठ से हरिद्वार जाने वाली बसों की संख्या घटकर 10-12 रह गई है।
ब्रजघाट में हाईवे वन-वे, प्रभावित हुई मुरादाबाद-बरेली की बसें
हापुड़-मुरादाबाद हाईवे पर ब्रजघाट में कांवड़ियों की संख्या बढ़ने पर प्रशासन ने मार्ग को वन-वे कर गया दिया है। इस कारण मेरठ से मुरादाबाद, बरेली जाने वाली रोडवेज बसों को गढ़मुक्तेश्वर से आगे सीधे ब्रजघाट होकर नहीं जाने दिया जा रहा है। रविवार को बरेली जाने वाली रोडवेज बसों को गढ़ मुक्तेश्वर चौराहे से स्याना-गंगा एक्सप्रेसवे से संभल, मुरादाबाद, बरेली के लिए भेजा गया। यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। परिवहन निगम के अधिकारियों की माने तो 11 अगस्त तक इस मार्ग भी यही स्थिति रहने वाली है।
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