डीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने मंगलवार को मोदीपुरम चेक पोस्ट का निरीक्षण किया। कांवड़ शिविर की व्यवस्था जांची। उन्होंने कहा कि यात्रा पर कोई आतंकी साया नहीं है।
मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे एडीजी ने हाईवे का दौरा किया। क्षेत्रीय लोगों ने बुके देकर उनका स्वागत किया। मोदीपुरम चेक पोस्ट पर एडीजी ने परमधाम न्यास के अनुयायियों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से यात्रा में सहयोग करने की अपील की।
पत्रकार वार्ता में एडीजी ने कहा कि कांवड़ यात्रा पर कोई आतंकी साया नहीं है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यात्रा को सकुशल कराने के लिए वह स्वयं मेरठ मेें डेरा डाले हुए हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हाईवे पर स्थित शराब के ठेके ओर मीट की दुकानों को बंद करने के विशेष निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी दुकानदार ने इन आदेशों का पालन नहीं किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके बाद एडीजी हाईवे पर सुरक्षा का जायजा लेते हुए मुजफ्फरनगर रवाना हो गए। इस दौरान आईजी जोन सुजीत पांडेय, डीआईजी लक्ष्मी सिंह, एसपी सिटी ओमप्रकाश यादव, सीओ दौराला डॉ. अरविंद कुमार, सीओ रितेश कुमार मौजूद रहे।
आज से टोल पर वसूली बंद
कांवड़ यात्रा के चलते अब टोल प्लाजा भी बंद हो जाएगा। बुधवार सुबह से टोल प्लाजा पर वसूली बंद कर दी जाएगी। यात्रा के दौरान कोई अनहोनी न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह से सतर्कता बरत रहे हैं। टोल प्लाजा की ओर से भी शिवभक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि टोल बंद होने से कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान होगा।
आतंकी इनपुट पर ई-पुलिसिंग, हवाई निगरानी
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए मैन्युअल के साथ ही ई-पुलिसिंग पर भी खास जोर रखा गया है। सुरक्षा इंतजाम पुख्ता रखते हुए स्थानीय कांवड़ यात्रा क्षेत्र में 50 सीसीटीवी कैमरे, 15 हैक्साकॉप्टर (ड्रोन) लगाने के अलावा प्रमुख प्वाइंटों पर 12 वॉच टावर बनाए है। 29 जुलाई से कांवड़ यात्रा रूट की निगरानी हेलीकॉप्टर से भी की जाएगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान आतंकी घटना के अंदेशे का इनपुट खुफिया एजेंसियां पहले ही दे चुकी हैं। जबकि लोकल स्तर पर सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखने की हिदायत दी गई है। पुलिस अफसर मानकर चल रहे हैं कि कांवड़ यात्रा को सफल बनाना बड़ी चुनौती है। उनका कहना है कि चुनावी साल को देखते हुए कुछ लोग उन्माद फैला सकते हैं। आतंकी घटना के इनपुट लगातार मिल रहे हैं। जिसको देखते हुए ग्राउंड लेवल के अलावा इलेक्ट्रानिक तरीके से भी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को मजबूत बनाया जा रहा है। सूबे के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी का कांवड़ मार्गों का निरीक्षण करने के पीछे यही कारण माने जा रहे हैं।
एटीएस, स्वाट, सर्विलांस
एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाएड (एटीएस), स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), स्पेशल वेपंस एंड टैक्टिक्स (स्वाट), इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस आदि की मदद पुलिस अफसर कांवड़ यात्रा क्षेत्र में ले रहे हैं। इनमें एटीएस और एसटीएफ को खासतौर पर छावनी स्थित औघड़नाथ मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। सेंट्रल, यूपी और सैन्य इंटेलीजेंस भी अपने काम में लगी है। सर्विलांस के माध्यम से खुफिया तौर पर कई मोबाइल कॉल्स पर निगाह रखी जा रही है। लोकल इंटेलीजेंस द्वारा शहर में संदिग्ध लोगों की निगरानी की जा रही है। गौरतलब है कि एक अगस्त को शिवरात्रि पर मुख्य जलाभिषेक औघड़नाथ मंदिर पर ही होगा। जिस दौरान लाखों कांवड़िये और शिव भक्त मौजूद रहेंगे। मंदिर परिसर में अलग से सीसीटीवी कैमरों के अलावा एटीएस कमांडो भी तैनात किए जा रहे हैं।
1.46 लाख कांवड़ियों का डाटा
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि जिले के कांवड़ियों का डाटा भी तैयार किया गया है। इसकी संख्या एक लाख 46 हजार 161 है। इनमें देहात से 79941 और शहरी क्षेत्र से 66220 कांवड़ियों की सूची बनाई गई है। इन्हें नोटिस जारी किया गया है कि अगर किसी ग्रुप में किसी ने गड़बड़ी की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। करीब एक हजार डीजे संचालकों को नोटिस जारी किए हैं कि अगर कांवड़ यात्रा में उनका डीजे बजा तो उन पर भी कार्रवाई होगी।
वॉच टावर से 24 घंटे निगरानी
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि रेंज में हर गांव से जाने वाले कांवड़ियाें की सूची बनाई गई है। इस बार कांवड़ मार्ग पर 12 वॉच टावर बनाए गए हैं। जहां से दूरबीन और सीसीटीवी कैमरे से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। इसका कंट्रोल रूम अलग से होगा।
29 को आएगा हेलीकॉप्टर
डीआईजी का कहना है कि कांवड़ यात्रा क्षेत्र की निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर मिला है। जो 29 जुलाई से तीन दिन तक मेरठ में रहेगा। दिन में करीब तीन घंटे हेलीकॉप्टर को उड़ाने की अनुमति मिल गई है।
एडीजी ने किया दौरा
एडीजी दलजीत सिंह चौधरी मंगलवार को भी कांवड़ मार्ग का निरीक्षण करते हुए मेरठ से मुजफ्फरनगर और फिर बागपत पहुंचे। उसके बाद दिल्ली रवाना हो गए। एडीजी ने आईजी, डीआईजी और एसएसपी को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा में लगी फोर्स को सीओ ब्रीफ करते रहें। प्रत्येक पुलिसकर्मी को यह पता होना चाहिए कि उसे कांवड़ यात्रा में क्या करना है।