हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ियों के अपने गंतव्य तक पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मुजफ्फरनगर से मेरठ तक कांवड़ मार्गों पर बम भोले गूंजने लगे हैं। 14 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है। 26 जुलाई को शिवरात्रि के मौके पर कांवड़िये अपने अपने क्षेत्र में शिव मंदिरों में पहुंचकर शिव का जलाभिषेक करेंगे।
मुजफ्फरनगर के कांवड़ मार्ग से गुजर रहे फरीदाबाद के केली निवासी केशव त्यागी 101 किलो के वजन वाली कांवड़ लेकर गुजरे हैं। वह एमबीए के छात्र हैं। उनका कहना है कि उन्होंने नौकरी की चाहत में इतने वजन की कांवड़ उठाई है।
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हरिद्वार से अपने कंधों पर वजनी कांवड़ लेकर चल रहे केशव और उनके साथियों में अल ही उत्साह है। उनके अन्य साथी भी अपनी अपनी मनोकामनाओं के साथ कांवड़ लेकर चल रहे हैं। एक कुंतल से भी ज्यादा वजन की कांवड़ लेकर चलने वाले केशव के साथ ग्रुप में चल रहे शिवभक्तों की आस्था के आगे थकान भी कुछ नहीं है। वे निरंतर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।