समीक्षा बैठक करने के बाद डीजीपी प्रशांत कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस प्रशासन कई दिन से कावड़ यात्रा की तैयारी में लगा हुआ था। डीजे की ऊंचाई और आवाज नियमित रूप से रखने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग की लाइन कांवड़ मार्ग पर शिविर में सुरक्षा के इंतजाम साफ सफाई के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा मद्देनजर कावड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन से भी निगरानी होगी। इसके अलावा हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्प वर्षा के साथ-साथ सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी भी होगी। कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। जिससे उत्तराखंड से यूपी में प्रवेश करने वाले कावड़ियों की जानकारी मिलती रहे, ताकि पहले से उनकी सुरक्षा से संबंधित पुलिस प्रशासन इंतजाम कर सके।
इसके अलावा यातायात व्यवस्था को देखते हुए रूट डायवर्जन की जानकारी पहले से ही प्रचार प्रसार करने की बात कही, ताकि लोगों को यातायात करने में परेशानी ना हो। वहीं, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अबकी बार कांवड़ियों की सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाया गया।
बेहतर कांवड़ियों की यात्रा संपन्न कराने की सरकार की प्रथामिकता है। जिसको देखते हुए कार्य किया जा रहा है। समीक्षा बैठक में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद मंडल के अधिकारी भी मौजूद रहे।