मेरठ में कांवड़ियों की संख्या सड़कों पर बढ़नी शुरू हो गई है। प्रशासन ने शहर और आसपास के कस्बों तक चलने वाली सिटी ट्रांसपोर्ट की इलेक्ट्रिक और वॉल्वो बसों को सोमवार सुबह 24 जुलाई तक बंद कर दिया। सोमवार सुबह से ही ये बसें सड़क पर दौड़ने की बजाय हापुड़ रोड स्थित लोहियानगर बस अड्डे पर खड़ी हो गई। महानगर बस सेवा बंद होने के बाद से सैंकड़ों लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है। इतना ही नहीं ई-रिक्शा आदि वाहनों में अधिक किराया देकर सफर तय करना पड़ रहा है।
अब कांवड़ यात्रा के दौरान इन बसों के चक्के जाम हो गए हैं। कारण है कि शहर की सड़कों पर भारी वाहन प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। इन बसों के यात्रियों को अब एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर का सहारा लेना पड़ रहा है।
शहर की सड़कों पर एक साइड चलेंगे हल्के वाहन
कांवड़ियों की सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने शहर ही नहीं बल्कि अधिकतर सभी सड़कों को बल्लियां लगाकर वन वे कर दिया है। सड़के की एक साइड को कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया है।
दूसरी साइड शहर की जनता के लिए खुली है, लेकिन वाहनों के लिए नहीं। प्रशासन की तरफ से कुछ वाहनों के पास भी जारी किए जाते हैं। हालांकि उस पास स्पष्ट लिखा होता है कि पास का इस्तेमाल कांवड़ मार्ग को छोड़कर अन्य मार्ग पर किया जाएगा।
कांवड़ यात्रा के कारण शहर के मार्ग बंद हो गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी 50 इलेक्टि्रक और 8 वोल्वो गाड़ी 24 जुलाई तक के लिए बंद कर दी गई हैं। - सचिन सक्सैना, एआरएम लोहियानगर इलेक्टि्रक बस डिपो।