पुलिस का आरोप था कि दिव्यांशी ने दो बैंक अधिकारियों सहित कई लोगों से रकम वसूली और शादी के नाम पर धोखा दिया। ग्वालटोली थाने में तैनात बीबीनगर (बुलंदशहर) निवासी दरोगा आदित्य कुमार ने 17 फरवरी 2024 को उससे विवाह किया था। आदित्य का कहना था कि दिव्यांशी ससुराल में नहीं रुकती थी और समय-समय पर पैसे लेती रही।
सोमवार को पुलिस ने उसे 'लुटेरी दुल्हन' बताकर गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन कोर्ट ने पर्याप्त आधार न पाते हुए उसे जेल भेजने से इनकार कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि दिव्यांशी विवेचना में पूरा सहयोग करेगी।
रिमांड में यह रहीं मुख्य कमियां
-अधिकतर धाराओं में सजा सात साल से कम थी, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार गिरफ्तारी आवश्यक नहीं थी।
-लगाई गई कई धाराएं जमानतीय थीं, जबकि अजमानतीय धाराओं के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं हुआ।
-पूर्व विवेचक और वादी दोनों ग्वालटोली थाने में तैनात रहे। इससे विवेचना की निष्पक्षता पर सवाल उठा।
-गिरफ्तारी से पहले अभियुक्त को अपराध का नोटिस देने की बाध्यता पूरी नहीं की गई, जो कार्रवाई को अवैध बनाता है।