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जासूस जाहिद से तो नहीं जुड़े कंचन सिंह के तार, खंगाली जा रही दोनों की कुंडली, अब और अलर्ट हुई सेना 

Sun, 28 Oct 2018 12:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज
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जासूस जाहिद के सेना के जवान कंचन सिंह से तो तार नहीं जुड़े, इसकी जानकारी सेना भी जुटा रही है। सेना की खुफिया एजेंसी के अफसर भी खुर्जा पहुंचे हैं, इस मामले में जहां जासूस जाहिद का पूरा इतिहास खंगाला जा रहा है। वहीं मेरठ छावनी से गिरफ्तार किए गए जवान कंचन सिंह से भी पूछताछ की जा रही।

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शनिवार को सेना की खुफिया एजेंसियों के अफसरों ने बुलंदशहर पहुंचकर जासूस के बारे में गहन जानकारियां हासिल की। हालांकि उसके जेल भेजे जाने की वजह से पूछताछ में अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है।
 
सेना इस बात की तह तक जाना चाहती है कि आखिर जाहिद से आईएसआई कैंट की किन सूचनाओं पर जासूसी करा रही थी। कौन से नक्शे उसने जाहिद से मंगाए थे। जाहिद से पूछताछ के बाद ही इन सवालों के जवाब स्पष्ट हो पाएंगे। वहीं, कंचन सिंह से भी सेना लगातार पूछताछ कर रही है। फिलहाल उसे मेरठ से बाहर रखकर जानकारियां जुटाई जा रही हैं। 
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वहीं, करीब दस माह से आईएसआई के एजेंट को मेरठ में सैन्य ठिकानों की गोपनीय जानकारियां लीक करने के आरोपी सेना में सिग्नलमैन कंचन सिंह को पुख्ता सुबूत मिलने के बाद पकड़ा गया था। उससे अभी भी सेना बाहर रखकर पूछताछ कर रही है। इसकी जानकारी यूनिट के कुछ अफसरों के अलावा किसी को नहीं दी जा रही है।

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सैन्य सूत्रों के मुताबिक कंचन सिंह से सेना की पूछताछ अंतिम दौर में है। इसके बाद उसके कोर्ट मार्शल की तैयारी की जाएगी। ऐसे में बुलंदशहर में आईएसआई का जासूस पकड़े जाने के बाद सेना और भी अलर्ट हो गई है। सेना की खुफिया एजेंसियां भी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं जाहिद का तो कंचन से कोई जुड़ाव नहीं रहा है। इसकी सही जानकारी जाहिद के रिमांड पर दिए जाने के बाद ही पूछताछ में आ पाएगी। 

संवेदनशील सूची में आता है मेरठ कैंट 
मेरठ कैंट संवेदनशील सूची में आता है। सैन्य अफसरों का कहना है कि आईएसआई देश के सभी छावनी क्षेत्रों में अपना नेटवर्क बनाना चाहती है। इसके लिए वह तरह-तरह से जवानों और लोगों को लालच देते हैं। कई बार पाकिस्तान से आई रांग कॉल के जरिए भी वे शिकार तलाशते हैं। कई बार फेसबुक से नंबर हासिल करके कॉल की जाती है तो कई बार किसी दूसरे माध्यम से। 

वेस्ट यूपी के जनपदों में आईएसआई जासूस कैसे बनाती है, इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियां भी नहीं जुटा सकी। आईएसआई आर्मी के जवानों को भी झांसे में लेकर गोपनीय दस्तावेज जुटा चुकी है। पाकिस्तान में रिश्तेदारी रखने वाले लोग आईएसआई के ज्यादा टारगेट पर होते हैं। क्योंकि उनसे आसानी से संपर्क साध लिया जाता है। आईएसआई पाकिस्तान से अपना जासूस भारत भेजती है, जोकि अन्य जासूसों से संपर्क साधकर जानकारियां जुटा लेता है। 

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