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रिटायर्ड एसपी विनोद कुमार विनोद कुमार की वॉक के दौरान मौत, मेरठ में 3 बार रहे एसपी सिटी 

Sun, 28 Oct 2018 12:27 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज - फोटो : meerut news
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रिटायर्ड एसपी विनोद कुमार (64) की शनिवार सुबह कैलाश प्रकाश स्टेडियम में वॉक के दौरान मौत हो गई। वे मेरठ में तीन बार एसपी सिटी रह चुके थे। पुलिस लाइन आगरा के समीप सुंदरपाड़ा के मूल निवासी विनोद कुमार पुत्र हीरालाल 1982 बैच के पीपीएस अफसर थे। करीब चार साल पहले वह 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से उप सेनानायक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

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वह अपनी पत्नी के साथ साकेत स्थित गायत्री अपार्टमेंट में रह रहे थे। बेटा मनीष डीयू में लॉ की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी नेहा नोएडा में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। जल्द ही वह परिवार के साथ आगरा शिफ्ट होने वाले थे। रोजाना की तरह वह शनिवार सुबह स्टेडियम गए थे। अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और उनकी हालत बिगड़ गई। उनके साथी वरिष्ठ अधिवक्ता रामकुमार शर्मा, संजीव कुमार और ब्रजमोहन आनन फानन में उन्हें जसवंत राय हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

सूचना पर परिचित अधिवक्ताओं, शिक्षकों और अन्य गण्यमान्य लोग साकेत स्थित आवास पर पहुंचे और दुख जताया। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि विनोद कुमार के बहनोई वीरेंद्र कुमार सीबीसीआईडी में डीजी हैं। वह मेरठ के ही निवासी हैं। विनोद कुमार 18 जुलाई 1995 से 7 जनवरी 1997 तक एसपी सिटी रहे। उसके बाद उनका ट्रांसफर हो गया। 15 दिन बाद उन्हें फिर से दोबारा एसपी सिटी बनाया गया। तीसरी बार वह साल 2002 में मेरठ में एसपी सिटी रहे। 

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विनोद कुमार का पार्थिव शरीर आगरा ले जाया गया है, जहां आज रविवार को अंतिम संस्कार होगा। मेरठ से भी मुरारीलाल केन, अफजाल अहमद, रमाकांत, शाहजहां सैफी, बुद्घप्रकाश वर्मा, डॉ. राजीव तेवतिया, नदीम अख्तर, वीरेंद्र कुमार आदि ने आगरा जाकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।

55 साल के बाद नियमित कराएं जांच
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल के अनुसार विनोद कुमार को जसवंत राय अस्पताल लाया गया था, उन्होंने देखा तो उनकी मृत्यु हो चुकी थी। अभी तक की जानकारी के लिहाज से वह हार्ट पेशेंट नहीं थे। शुगर भी नहीं थी। धूम्रपान नहीं करते थे। नियमित एक्सरसाइज करते थे। यह जानकारी मिली है कि इन्हें एसिडिटी रहती थी, जो कई बार एंजाएना के लक्षण लेकर आती है। हृदय मांसपेशियों में कम रक्तप्रवाह के कारण होने वाले छाती के दर्द के लिए एंजाइना शब्द प्रयोग किया जाता है।

इससे अचानक दिक्कत हो सकती है। जिस तरह का पूर्व एसपी सिटी का मामला है, ऐसे हार्ट अटैक के केस होते हैं। डॉ. अग्रवाल के अनुसार भले ही कोई दिक्कत न हो। लेकिन फिर भी 55 साल के बाद अल्ट्रासाउंड, शुगर जैसी नियमित जांच कराते रहें। सुबह को एक्सरसाइज के दौरान अगर छाती में दर्द व एसिडिटी हो और एक्सरसाइज के बाद ठीक हो जाए तो एंजाइना के लक्षण हो सकते हैं। धुंध या ज्यादा ठंड में हृदय रोगियों को तड़के के टहलने से थोड़ा बचना चाहिए।

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