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सरधना के मोहल्ला लश्कर गंज बाजार में 30 साल से एक कमरे में बंद है सुनील

Fri, 13 May 2016 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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खुली हवा में सांस लेने की उम्मीद में वह जवान से बूढ़ा हो गया। 30 साल से ‘आजादी’ की चाह में उसकी आंखें पथराई जा रही थीं। कुछ ऐसी ही कहानी है मोहल्ला लश्कर गंज बाजार के एक दो मंजिला मकान में 30 साल से बंद सुनील उर्फ पप्पू की। ऊपर वाले का शुक्र है कि बृहस्पतिवार को पास के मकान की छत पर काम करते समय एक राजमिस्त्री ने उसे देख लिया। उसने सभासद को फोन कर इसकी सूचना दी।
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इस पर मौके पर पहुंची पुलिस को वृद्ध के भाइयों ने बताया कि नशे के कारण उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। हालांकि, उसके इलाज और दवा के संबंध में पुलिस को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मोहल्ला लश्कर गंज बाजार में बृहस्पतिवार को दीपक गुप्ता के मकान की छत पर राज मिस्त्री और मजदूर काम कर रहे थे। तभी उन्हें बराबर के मकान की छत के जाल से एक वृद्ध कमरे में बंधक दिखाई दिया।
उन्होंने नामित सभासद अनिल गुप्ता को फोन कर सूचना दी। सभासद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने सुनील जैन उर्फ पप्पू के भाइयों से उसे बंधक बनाकर रखने के संबंध में पूछा तो वे भड़क गए। उन्होंने पारिवारिक मामला बताकर टरकाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ और पुलिस को देखकर वे चुप हो गए।
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चारपाई पर लेटा मिला पप्पू
जिस मकान में सुनील को बंद किया गया था, उसका कोई मुख्य गेट नहीं है। मकान के आगे बनाई गई दुकान से ही एक खिड़की मकान में जाने के लिए थी। पूरा मकान खाली पड़ा था। अंधेरे में ऊपर की मंजिल पर एक कमरे में चारपाई पर सुनील लेटा हुआ था।
पूछने पर उसने अपना नाम सुनील उर्फ पप्पू बताया। उसके भाई मुकेश ने उसे टोका तो वह खामोश हो गया। मुकेश ने पुलिस को बताया कि उसके भाई का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। इसलिए उसे कमरे में रखा हुआ है। उसकी देखरेख के लिए एक नौकर भी है। जब पुलिस ने दवा और डॉक्टर के पर्चे के बारे मेें पूछा तो वे कुछ नहीं दिखा सके।

छह भाइयों का है परिवार
मुकेश जैन ने बताया कि वह छह भाई हैं। जिनके नाम वीरेंद्र, सुशील, सुनील, अरुण और मनोज हैं। मनोज और मुकेश बाजार में कपड़े और जूतों की दुकान करते हैं, जबकि अन्य मेरठ और गाजियाबाद में रहते हैं। उन्होंने बताया कि 25 साल पहले नशे के कारण सुनील का मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। इस कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। सुनील की बेटी को उन्होंने रिश्तेदारी में गोद दे दिया था।
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