इससे कृषि, कला, व्यापार, विज्ञान, संगीत, फिल्म और संचार क्षेत्रों में नई उपलब्धियां देखने को मिलेंगी। शनि के मंत्री बनने से प्रशासक वर्ग, राजनेताओं का व्यवहार लोगों के प्रति कठोर और असंतोषजनक रहेगा।
आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार जब राजा मंगल होता तो उस वर्ष कहीं तो वर्षा बहुत अधिक होती है और कहीं बहुत कम। वहीं, मांगलिक कार्य, मांगलिक उत्सव अधिक होंगे। लोगों में दान दया एवं धार्मिक कार्यों की प्रवृत्ति बढ़ेगी। स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ेगी। वहीं, भूकंप, अग्नि भय, राजनीतिक युद्ध की स्थितियां भी बन सकती हैं। आयुर्वेद, योग, चिकित्सा संबंधी प्रणाली का प्रसार अधिक होगा।
इस बार संवत्सर का नाम है कालयुक्त
हिंदू ग्रंथों में 60 संवत्सरों का उल्लेख है। ये क्रमवार चलते हैं। इसी क्रम में संवत 2081 को कालयुक्त नाम से जाना जाएगा। हिंदू नववर्ष भारतीय इतिहास में अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है।
आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि पुराण, ग्रंथों के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को ही त्रिदेवों में से एक ब्रह्मदेव ने सृष्टि की रचना की। हिंदू समाज भारतीय नववर्ष का पहला दिन हर्षोल्लास से मनाते हैं
श्रीराम का हुआ था राज्याभिषेक
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि श्रीराम और युधिष्ठिर का राज्याभिषेक इसी दिन हुआ। मां दुर्गा की साधना के लिए चैत्र नवरात्रि का प्रथम दिवस होता है। आर्यसमाज का स्थापना दिवस और संत झूलेलाल की जयंती होती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिन भी इसी दिन है। अन्य कारणों से भी यह दिन विशेष बन जाता है।
संवत्सर का नाम- कालयुक्त
संवत का राजा- मंगल
संवत्सर का मंत्री- शनि
संवत्सर सेनापति- शुक्र
संवत्सर का वास- वैश्य के घर
संवत्सर का वाहन- वृषभ (बैल)