कालसर्प दोष निवारण नागपंचमी सर्वोत्तम
मेरठ। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आज नागपंचमी का पर्व मनाया जाएगा। आज नागों की पूजा करने का विधान है। नागपंचमी के दिन वासुकी नाग, तक्षक नाग, शेषनाग आदि की पूजा की जाती है। इस दिन लोग अपने घर के द्वार पर नागों की आकृति भी बनाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे नाग देवता की कृपा बनी रहती है।
नागपंचमी चार ग्रह बुध, गुरु, शुक्र व शनि अपनी राशि में रहेंगे और इस पंचमी पर नागदेव की पूजा करने से कुंडली के राहु और केतु से संबंधित दोष भी दूर हो जाते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलोजिकल साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि आज परिगणित और शिव नामक योग भी बन रहा है। जिसकी वजह से भी इस ़है। नागपंचमी के दिन पूजन करने से नागों की कृपा के साथ शनि, राहु आदि ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से भी मुक्ति मिलती है।
घर में इनसे करें नाग पूजा
नागपंचमी के दिन नागों की पूजा में पांच तरह की चीजों का उपयोग किया जाता हैं। पंडित चंडी प्रसाद ने बताया कि धान, खील, दूर्वा, गाय का गोबर और दूध से पूजा कर नाग देवता को प्रसन्न किया जाता है।
नागपंचमी पूजा का शुभ मुहूर्त
आज 25 जुलाई के दिन नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त सुबह 05:39 से 8: 22 मिनट के बीच रहेगा। जबकि तिथि समाप्ति इसी दिन दोपहर 12:02 मिनट पर होगी।
शिव, विष्णु भगवान की आज एकसाथ होगी पूजा
भोलेनाथ के प्रिय सावन के महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। नागपंचमी और सोमवार दोनों ही दिन भगवान शिव की आराधना के लिए श्रेष्ठ होते हैं। आज श्री कल्कि जयंती भी मनाई जाएगी। आज ही गणेश वरद चतुर्थी व्रत का पारण भी इसी दिन ही होगा। भगवान कल्कि देवता भगवान विष्णु के 10वें अवतार हैं। देवता के सभी 10 अवतारों में से 9 पहले ही अवतरित हो चुके हैं। सत्य युग के पुनरुत्थान और बुरे कर्मों (अधर्म) को खत्म करने के लिए, भगवान महाविष्णु के कलियुग में भगवान कल्कि के रूप में आने की उम्मीद है।