सरधना। निलंबित प्रधानाध्यापक रोशन लाल। परिजन
सरूरपुर। क्षेत्र के गांव कक्केपुर में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज अध्यापक रोशन लाल को हाईकोर्ट में शपथपत्र दाखिल नहीं करने व स्कूल में अनियमितता मिलने पर बीएसए ने निलंबित कर दिया। इंचार्ज अध्यापक पर गांव की राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने, स्कूल के की साफ-सफाई नहीं होने, पंजीकृत छात्रों का मौके पर नहीं मिलना समेत कई आरोप लगाए गए। कक्केपुर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कई वर्षों से विवाद चल रहा है। 18 सितंबर 2024 को कक्केपुर निवासी स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कृष्णपाल पुत्र चतर सैन ने जिला बेसिक अधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि इंचार्ज अध्यापक रोशनलाल ने विभागीय अनुमति के बिना प्रबंधक समिति का गठन किया, जो नियमानुसार गलत है। जब विभाग ने इंचार्ज अध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा तो विभाग को भी गुमराह किया गया। शिकायतकर्ता ने शपथ पत्र के साथ साक्ष्य भी दिए।
आरोप है कि इंचार्ज अध्यापक गांव की राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होकर प्रबंधक समिति के साथ छेड़छाड़ करता रहता है। इंचार्ज अध्यापक ने 16 अक्तूबर को प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कृष्णपाल की अध्यक्षता में बैठक दिखाई गई, जबकि कृष्णपाल बैठक में शामिल ही नहीं हुए थे। जयभगवान ने इंचार्ज अध्यापक समेत शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने मामला सुनने के बाद शिक्षा विभाग को शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश दिए थे।
आरोप है कि आरोपी इंचार्ज अध्यापक को विद्यालय प्रबंध समिति सचिव होने के नाते विभाग की तरफ से उच्च न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल करना था, लेकिन उन्होंने विभाग के पत्र पर हस्ताक्षर कर अनाधिकृत रूप से बिना विभाग को सूचित किए गांव के ही सूरज पुत्र अनिल त्यागी को शपथ पत्र दाखिल करने को अधिकृत कर दिया। इस मामले में डीएम, एसडीएम, बीएसए की ओर से शपथपत्र दाखिल किए गए।
उच्च न्यायालय ने दो सदस्यीय टीम को जांच के आदेश दिए। एडवोकेट पीयूष त्यागी द्वारा आरटीआई में विद्यालय में पंजीकृत छात्रों की सूची मांगी गई थी। सूची में दी गई जानकारी में विद्यालय में पंजीकृत कक्षा चार की मनस्वी पुत्री प्रशांत, लविस पुत्र सोनू, मानवी पुत्री सोहन गांव के ही डॉ. गिरी पब्लिक स्कूल में भी पंजीकृत पाए गए, जबकि कक्षा चार की अवधि पुत्री निखिल व कक्षा आठ के काव्यांश पुत्र राहुल भूनी चौराहा स्थित कदम पब्लिक स्कूल में पढ़ाई करते मिले थे।
हाईकोर्ट द्वारा गठित टीम की जांच में मामले का खुलासा होने पर बीएसए आशा चौधरी ने इंचार्ज अध्यापक को विभाग को गुमराह करने, लापरवाही बरतने, गांव की राजनीति में सहभागिता निभाने का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित करके सरधना ब्लाक के गांव दशरथपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय से संबद्ध कर दिया। जांच रजपुरा ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह को सौंपी है।