बचपन से ही पढ़ाई, खेल और दोस्तों के बीच हर चीज में हारने वाले कबीर ने साबित कर दिया कि हारने वाले भी सफल हो सकते हैं। वेस्ट एंड रोड निवासी कबीर को बचपन से ही लोगों को हंसाने का शौक था। लेकिन असफलता उसे हर कदम पर मिलती रही। दोस्तों के बीच अक्सर मिमिक्री करते जिंदगी में हर बार हार का मुंह देखकर टूट चुके कबीर को उनके दोस्त ने मुंबई जाकर हीरो बनने की सलाह दी।
तब कबीर ने ठान लिया कि अब अभिनय की दुनिया में ही जीवन बनाना है। यहां से हार नहीं सफलता हासिल करनी है। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने मुंबई में लक्ष्य थिएटर ज्वाइन किया। यहां अभिनय और भाषा के उच्चारण पर काम किया। अखिल भारतीय संस्कृति संस्थान में राजेंद्र तिवारी से अभिनय की बारीकियां सीखीं।
अभिनेता बनने के लिए गोरगांव की सड़कों पर भिखारी बनकर निकले, तो लोगों ने भिखारी को पैसे देकर अपना दामन भी छुड़ाया। अपनी अभिनय क्षमता को मजबूत करने के लिए कबीर रोजाना अलग-अलग किरदारों में गोरेगांव से जुहू तक जाते। लोकल ट्रेनों में भीख मांगी। एक महीने तक ऐसा कर खुद को सुधारा।
कबीर की मेहनत ने रंग लाना शुरू किया और पहले सीरियल कोड रेड के लिए ऑफर मिला। इसके बाद कबीर ने सीरियल रजिया सुल्तान, अशोका में काम किया। शॉर्ट मूवी हॉटेंड फॉरेस्ट की कहानी लिखी और अभिनय भी किया। बकौल कबीर जल्द ही ऋतिक रोशन की आगामी फिल्म मोहनजोदडों में भी मैं नजर आएंगे।