अवैध शराब मामले में संयुक्त आयुक्त ने कसे अफसरों के पेच
मेरठ। बागपत के चमरावल और जानी ब्लॉक के मीरपुर जखेड़ा में शराब से कई मौतों के बाद विभाग में हड़कंप मचा है। सोमवार को आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त ने बैठक मेंअधिनस्थों के पेच कसे। उन्होंने चेताया कि ऐसी घटनाओं के बाद होने वाली कार्रवाई की जिम्मेदारी अब अफसरों की खुद की होगी।
संयुक्त आयुक्त राजेश मणि त्रिपाठी ने घटनाओं के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से सभी को अवगत कराया और लापरवाही पर नाराजगी भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आबकारी टीम के क्षेत्रों से गायब रहने की शिकायतें मिली हैं। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीम अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर काम करें। मुखबिर तंत्र मजबूत हो। गांव के भीतर ऐसी व्यवस्था तैयार हो ताकि अवैध शराब से जुड़ा कोई मामला छिप न सके। आबकारी निरीक्षकों की कार्यप्रणाली से वह खासे नाराज दिखाई दिए। उन्होंने कहा अफसरों के पास खुद को साबित करने का मौका है। लापरवाही मिलने पर वह शासन को लिखने को मजबूर होंगे। बैठक में डिप्टी कमिश्नर आबकारी सुरेश चंद पटेल, जिला आबकारी अधिकारी के अलावा अन्य जनपदों के अफसर भी मौजूद रहे।
शराब जहरीली थी या नहीं आज आएगी रिपोर्ट
चमरावल और जानी ब्लॉक के मीरपुर जखेड़ा में शराब पीने से हुई मौत के बाद आबकारी टीम द्वारा 9 से 10 नमूने अलग-अलग स्थानों से जुटाकर जांच के लिए भेजे गए थे। पहले चरण की जांच विभाग स्थानीय लैब में करता है, जिसमें यह पता चलाया जाता है कि शराब में जहर यानि मिथाइल अल्कोहल था अथवा नहीं। इसकी रिपोर्ट आज आने की बात अफसरों ने कही है। दूसरे चरण की रिपोर्ट विसरा की होगी, जिसको गाजियाबाद से आने में कुछ समय लगेगा। पुलिस इस जांच पर काम करती है।