कई चक्कर लगाने के बाद भी अवर अभियंता ने पुनीत की फाइल दबा कर रखी हुई थी। लगभग 5. 45 लाख रुपए का भुगतान विभाग को करना था। ठेकेदार पुनीत ने विभागीय अफसर से भी बात की लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अवर अभियंता धीरज से बात करने पर उसने भुगतान करने की आवाज में 40 हजार रूपए रिश्वत मांगी।
पुनीत जिंदल ने मामले में एंटी करप्शन से संपर्क किया और लिखित में शिकायत कर दी। पूरी प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद आज एंटी करप्शन की टीम ने पुनीत को केमिकल लगे 40 हजार रुपए लेकर अवर अभियंता से मिलने के लिए भेजा।
उन्होंने अवर अभियंता को मिलने के लिए विभाग से बाहर बुला लिया। कचहरी के पास अंबेडकर चौराहे के निकट अवर अभियंता धीरज कुमार ने पुनीत से 40 हजार रूपए मांगे। जैसे ही पुनीत ने 40 हजार रूपए धीरज के हाथ में थमाए वैसे ही एंटी करप्शन की टीम ने धीरज को रंगे हाथों दबोच लिया।
उधर, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि सिविल लाइन थाने में आरोपी जेई के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया जा रहा है।