मंदिरों के बाहर पूजन सामग्री की दुकान और झूले आदि से मेले जैसा माहौल रहा। चैत्र नवरात्र के पहले दिन मंदिरों के साथ हिंदू परिवारों ने मां की ज्योति जलाकर पूजा-अर्चना की गई। दिन भर देवी मंदिर मां के जयकरों से गूंजते रहे और भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। नारियल और चुनरी चढ़ाकर मां का शृंगार किया गया।
नवरात्र के पहले दिन व्रत रखकर भक्तों ने मां शैलपुत्री का पूजन किया। जागृति विहार में मां मंशादेवी मंदिर में पूजा के लिए तड़के से भक्तों की लाइनें लग गईं। सुरक्षा के लिए मंदिर में पुलिस बल तैनात रहा। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटी ने बैरीकेंटिंग की। वहीं शास्त्रीनगर स्थित गोल मंदिर में भी मां की पूजा के लिए भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी। यहां दिनभर मां के जयकारों के साथ घंटे और घडियालों से मंदिर गूूंजता रहा। भक्तों ने मां को चुनरी, पान, सुपारी, नारियल और शृंगार का सामान अर्पित कर मनोकामना मांगी। यहां के मुख्य पुजारी राम नारायण ने बताया कि नवरात्र में भक्तों की भीड़ प्रतिदिन बढे़गी। मंदिर में पुलिस बल तैनात रहा। मंदिर समिति के राजीव गौड़, प्रबधंक मनोज शर्मा, मनोज गुप्ता, शिवशंकर कौशिक, संजय रस्तोगी, प्रमोद गुप्ता, रोहित आदि भी व्यवस्था में जुटे रहे।
काली मां की पूजा से मिलता है फल
सदर स्थित काली माता मंदिर में सुबह से ही भक्त पूजा करने पहुंचे। शाम को भी आरती में भक्तों की भीड़ रही। बताया जाता है कि नवरात्र में मां काली की विशेष पूजा करने से फल अवश्य मिलता है। इसके अलावा लालकुर्ती स्थित शक्ति धाम मंदिर में मां की पूजा की गई। भगत नीरज मणि ने नवरात्रि महोत्सव सत्संग समारोह में प्रवचन किया। श्रीराम संकीर्तन मंदिर में मां शैलपुत्री का पूजन किया गया। महामंत्री सुरश्ेा छाबड़ा ने अंबे-अंबे महामंत्र का जाप कराया। वहीं बाबा औघड़नाथ मंदिर परिसर स्थित मां दुर्गा के मंदिर में पूजा करने वालों की दिन निकलते ही लाइन लगनी शुरू हो गई।