फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश के इतिहास में जाट समाज का गौरवशाली योगदान : प्रो. दहिया

विज्ञापन
सीसीएसयू के अटल सभागार में आयोजित पुरातन जाट छात्र सम्मेलन में बोलते प्रो. प्रतीत दहिया। स्रोत
विज्ञापन
सीसीएसयू में पुरातन जाट छात्र सम्मेलन में जुटे पूर्व छात्रों ने साझा किए अनुभव
विज्ञापन

में जुटे समाज के पूर्व छात्र-छात्राओं ने
आयोजित हुआ पुरातन जाट छात्र सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में रविवार को पुरातन जाट छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय परिसर से पढ़ाई कर चुके पूर्व छात्र-छात्राओं ने अनुभव साझा किए। विशिष्ट वक्ता चौधरी चरण सिंह राजकीय कॉलेज छपरौली के प्राचार्य प्रो. प्रतीत सिंह दहिया ने कहा कि जाट समाज के गोत्र सर्व जातियों से मेल खाते है। समाज का भारत के इतिहास में गौरवशाली योगदान रहा है। उन्होंने जाट समाज से अपने गौरवशाली इतिहास के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व छात्र डॉ. मनोज सिवाच ,उपाध्यक्ष डॉ. नीलम पंवार एवं विशिष्ट अतिथि डिप्टी कमिश्नर जीएसटी डाॅ. सूरजपाल सिंह ने किया। विशिष्ट अतिथि डाॅ. सूरजपाल सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सभी पूर्व छात्र अपने कार्यक्षेत्र में रचनात्मक योगदान दे रहे हैं। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों से एकजुट होने का आह्वान किया। डॉ. संजीव डबास ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र हमेशा निर्भीक होकर कुछ नया करना चाहते हैं। सभी पूर्व छात्रों ने चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व से प्रेरणा पाकर समाज के निर्माण में रचनात्मक योगदान दिया है। डाॅ. अजीत देशवाल ने छात्र जीवन के मनोरंजक किस्से एवं अनुभव साझा किए।चालन डॉ. दीपक कुमार एवं डाॅ. अमृता ने किया। इस अवसर पर डॉ. पंकज कालखंडे, डाॅ. सचिन ढाका, डाॅ. विजय पंवार, डाॅ. योगिंदर मलिक, डॉ. सोरन सिंह, डाॅ. हरेंद्र मालिक, डाॅ. राधेश्याम तोमर आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विश्वविद्यालय ने हमे बोलना सिखाया : उज्जवल
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने हमें चलना और बोलना सिखाया है। हमारे पूर्वज बहादुर रहे हैं। किसान कौम धरती का सीना चीरकर सबके लिए अन्न पैदा करती हैं। पूर्व छात्र डॉ. रवि नैन ने छात्र जीवन के मनोरंजक किस्से सुनाए गए। डाॅ. कुलदीप चौधरी ने कहा कि पूर्वजों से मिली विरासत को हमें अगली पीढ़ी को सौंपना है। सम्मेलन में पूर्व छात्र डाॅ. हरेंद्र मलिक, डॉ. सुधीर मलिक, डॉ. रविंद्र राणा, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डाॅ. दीपा पंवार, डाॅ. देवेंद्र खोखर, डाॅ. नेमपाल राठी ने विचार रखें। सं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें