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Meerut News: 21 साल की सबसे सर्द रात रही 12 जनवरी, पारा 2.9 डिग्री पर लुढ़का

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मेरठ..कंवलजीत..सुबह 9 बजे के आस-पास ज़ीरो माइल चौराहे पर छाया कोहरा.......संवाद
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कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार ने शहर की रफ्तार थाम दी है। मेरठ समेत पूरा पश्चिम उत्तर प्रदेश इस समय भीषण शीत लहर की चपेट में है। हालात यह हैं कि दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। 12 जनवरी की रात न्यूनतम तापमान गिरकर 2.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बीते 21 साल में पारा कभी इतना नहीं लुढ़का।
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पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में बर्फीली हवाएं चुभ रही हैं। दिन में निकलने वाली धूप भी बेअसर साबित हो रही है और लोग दिनभर ठिठुरने को मजबूर हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर सोमवार रात का न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री जबकि मंगलवार दिन का अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कोहरे की सफेद चादर में लिपटे रास्ते, रेंगते नजर आए वाहन

सुबह और देर रात घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता शून्य के करीब पहुंच रही है। इसका सीधा असर सड़क यातायात के साथ-साथ रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। कोहरे का आलम यह है कि दिन में भी वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीमी गति से सफर करना पड़ रहा है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम शमीम ने बताया कि अभी शीत लहर का यह प्रकोप जारी रहने के आसार हैं। 18 जनवरी के बाद ही तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के आसार हैं तब तक दिन और रात का तापमान सामान्य से कम ही रहेगा।
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जहरीली हुई हवा, दिल्ली रोड क्षेत्र की स्थिति सबसे गंभीर

ठंड के साथ-साथ शहर की हवा भी दमघोंटू हो गई है। हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार पिछले दो दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में चिंताजनक वृद्धि हुई है। मेरठ का औसत सूचकांक 249 से बढ़कर 279 पर पहुंच गया है। 335 एक्यूआई के साथ दिल्ली रोड सर्वाधिक प्रदूषित रहीं। वहीं बेगमपुल पर एक्यूआई 320, जयभीमनगर में 314, पल्लवपुरम में 304 और गंगानगर में 220 रहा।



सेहत पर भारी पड़ रहा मौसम, बुजुर्ग और बच्चे बरतें विशेष सावधानी

छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव शर्मा ने चेतावनी दी है कि यह मौसम सेहत के लिए बेहद संवेदनशील है। बढ़ती ठंड, कोहरा और प्रदूषण का यह गठजोड़ सांस के रोगियों के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्होंने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉ. शर्मा ने कहा कि गर्म कपड़ों का प्रयोग करें और ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचें। गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें और अलाव का सहारा लें।
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पिछले 21 साल में 12 जनवरी का न्यूनतम तापमान

वर्ष न्यूनतम तापमान
2026 2.9
2025 9.9

2024 4.8

2023 8.2

2022. 7.3

2021 7.0

2020 7.2

2019 6.1
2018 5.8
2017 7.1

2016 6.9

2015 8.4

2014 7.9

2013 6.5

2012 5.9

2011 6.7

2010 8.9

2009 5.2

2008 6.4

2007 5.1

2006 9.1
नोट: आंकडे मौसम वेधशाला से लिए गए है।
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