राजमार्ग स्थित खड़ौली गांव में प्रतिबंधित और बेहद खतरनाक प्रजाति के कुत्ते पिटबुल के कारण विवाद हो गया। यहां एक परिवार द्वारा पाले गए इस खूंखार कुत्ते ने रविवार को एक मासूम बच्चे पर हमला करने का प्रयास किया। बच्चे ने घर में भागकर अपनी जान बचाई। हद तो तब हो गई जब बच्चे की दहशतजदा मां सरिता शिकायत करने पहुंची तो कुत्ते के मालिकों ने लाठी-डंडों से हमला बोलकर दंपती को बुरी तरह पीट दिया। सरिता ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीड़िता सरिता निवासी खड़ौली गांव ने थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया कि उनके पड़ोसी जीत कश्यप ने रंजिश के चलते प्रतिबंधित पिटबुल कुत्ता पाल रखा है। आरोप है कि जीत आए दिन इस खूंखार कुत्ते को सड़क पर खुला छोड़ देता है। इससे लोग दहशत में रहते हैं और घर से बाहर निकलने से भी डरते हैं। सरिता ने बताया कि उन्होंने व अन्य पड़ोसियों ने कई बार इसका विरोध किया लेकिन आरोपी परिवार अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
सरिता ने बताया कि घटना 11 जनवरी की है जब उनका बेटा घर के बाहर खेल रहा था। तभी जीत कश्यप का पिटबुल उसे काटने के लिए पीछे दौड़ पड़ा। हालांकि बच्चे ने तुरंत घर के भीतर दौड़ लगा दी और दरवाजा बंद कर किसी तरह अपनी जान बचाई। यदि थोड़ी भी देर होती कुत्ता बच्चे पर हमला कर देता। सरिता ने आरोप लगाया कि वह पति सुधीर के साथ इस घटना की शिकायत करने जीत के घर पहुंचीं तो वहां मौजूद जीत और उसके परिवार वाले गाली-गलौज और अभद्रता पर उतर आए। आरोप है कि जीत ने अपने बेटों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सरिता और सुधीर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट में दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर मौके पर पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई।
इन आरोपियों के खिलाफ हुई कार्रवाई
पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने एक ही परिवार और उनसे जुड़े छह लोगों जीत कश्यप, रेखा, सचिन उर्फ मोंटी, गौरव उर्फ गब्बर, नितिन, अंकित के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। सभी खड़ौली कंकरखेड़ा के रहने वाले हैं।
मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। चूंकि मामला प्रतिबंधित जानवर से जुड़ा है इसलिए नगर निगम को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। -प्रकाश चंद्र अग्रवाल, क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी (सीओ) दौराला