पश्चिमी उत्तर प्रदेश इन दिनों घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है। मेरठ की बात करें तो यहां कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। रात के समय तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 12 जनवरी की रात ने पिछले 21 साल का रिकार्ड़ तोड़ दिया है। तापमान 2.9 डिग्री दर्ज किया गया जो बहुत ही कम रहा है। वहीं दिन में भी धूप न निकलने के कारण लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है।
इस समय पश्चिम उत्तर प्रदेश मैं कड़ाके की ठंड का दौर लगातार बना हुआ है पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी क्षेत्रों में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है दिन में निकल रही गुनगुनी धूप भी सर्दी को काम नहीं कर पा रही है। सर्द हवा और नमी के चलते ठिठुरन और बढ़ गई है।
सुबह और देर रात घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता बेहद कम हो जा रही है। इसका असर सडक़ यातायात के साथ.साथ रेल और हवाई सेवाओं पर भी पड़ रहा है। वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीमी गति से सफर करना पड़ रहा है।
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चौधरी चरण सिंह विवि के मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड़ किया गया। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम शमीम का कहना है कि शीतलहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। अभी दिन और रात का तापमान सामान्य से काम रहेगा सर्दी का असर ऐसे ही बना रहेगा। रात का तापमान ने रिकार्ड़ तोड़ा, सबसे कम स्तर पर तापमान दर्ज किया गया है। 18 जनवरी के बाद तापमान में धीरे.धीरे बढ़ोतरी होने के संकेत दिए हैं।
फिर से बढ़ा एक्यूआई
दो दिन से एक्यूआई में बढोतरी हुई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ यूपी शाही का कहना है कि हवा की रफ्तार कम होने के साथ एक्यूआई मेें बढोतरी हुई है। मेरठ का एक्यूआई 249 से बढक़र 279 दर्ज किया गया है। जबकि शहर में गंगानगर 220, पल्लवपुरम 304, जयभीमनगर 314, बेगमपुल 320, दिल्ली रोड 335 दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा दिल्ली रोड क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
ऐसे मौसम में रहे सतर्क, करे बचाव
छाती रोग विशेषज्ञय डॉ संजीव शर्मा का कहना है कि इस समय जो मौसम चल रहा है ऐसे में सतर्क रहने की जरुरत है। ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ती ठंड में बचाव बहुत जरुरी है। लोगों को ठंड और कोहरे से सावधान रहना होगा। बढ़ते प्रदूषण और सर्द हवा के कारण ठंड का असर और बढ़ रहा है। बुजुर्गों बच्चों और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोग अलाव गर्म कपड़ों और गर्म पेय पदार्थों का सहारा लेकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।
पिछले 21 साल में 12 जनवरी का न्यूनतम तापमान ये रहा
वर्ष न्यूनतम तापमान
2026 2.9
2025 9.9
2024 4.8
2023 8.2
2022. 7.3
2021 7.0
2020 7.2
2019 6.1
2018 5.8
2017 7.1
2016 6.9
2015 8.4
2014 7.9
2013 6.5
2012 5.9
2011 6.7
2010 8.9
2009 5.2
2008 6.4
2007 5.1
2006 9.1
नोट: आंकडे मौसम वेधशाला से लिए गए है।