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आतंकी साजिश की अटकलों के बीच मेरठ से 108 आरएएफ बटालियन को भेजा गया जम्मू-कश्मीर

Sun, 04 Aug 2019 12:22 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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आरएएफ बटालियन - फोटो : अमर उजाला
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भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ सकता है। इसे लेकर भारतीय सेना के जवानों को भी जम्मू कश्मीर भेजा गया है। वहीं मेरठ से रेपिड एक्शन फोर्स को भी जम्मू कश्मीर भेजा गया है। उधर अमरनाथ यात्रियों को एयरलिफ्ट किया जाएगा।
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दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा हुआ है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नेजापीर सेक्टर में लॉन्च पैड पर मौजूद थे जो कि पुंछ के शाहपुर सेक्टर में भारतीय पोस्ट के ठीक विपरीत स्थित है। इन आतंकियों को पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो का पूरा समर्थन हासिल था।
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सूत्रों की मानें तो ये आतंकी भारतीय सैनिकों के खिलाफ एक बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) ऑपरेशन करने की योजना बना रहे थे। जैश के संस्थापक मसूद अजहर के भाई इब्राहिम अजहर के नेतृत्व में बॉर्डर एक्शन टीम का गठन किया गया था। ये लोग नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की अग्रिम चौकियों के पास आ गए थे। इब्राहिम कुछ समय पहले पीओके के मुजफ्फराबाद में भी देखा गया था। वह 1999 में हाइजैक हुए आईसी-814 विमान का मुख्य मास्टरमाइंड है। 

खुफिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि इब्राहिम घाटी में घुसपैठ कर भारत के विरुद्ध हमले करना चाहता था। वह अपने बेटे उस्मान हैदर की मौत का बदला लेने के लिए ये सब कर रहा था जिसकी जम्मू कश्मीर में चले सुरक्षा ऑपरेशन में मौत हो गई थी।

ये भी जानकारी भी मिली है कि इब्राहिम अपने बेटे की मौत का बदला लेने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों से लड़ना चाहता था। यही वजह है कि सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को जल्द से जल्द कश्मीर छोड़ने की सलाह दी। रिपोर्ट्स में सोपोर में सुरक्षा बलों के प्रतिष्ठानों पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों, खासकर जैश ए मोहम्मद की तरफ से आईईडी ब्लास्ट के जरिए निशाना बनाने की बात भी कही गई है।
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रेपिड एक्शन फोर्स - फोटो : अमर उजाला
भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा की गतिविधियों में काफी तेजी को नोटिस किया है। जम्मू कश्मीर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जैश की तरफ से बड़े आतंकी हमले के चलते सरकार ने ये निर्णय लिया है। 

यही कारण है कि अधिक संख्या में घाटी में जवानों की तैनाती की जा रही है। शनिवार को मेरठ से सीआरपीएफ की खास विंग रेपिड एक्शन फोर्स की108 बटालियन को जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना किया गया। हालांकि कितनी संख्या में आरएफ के जवान जम्मू भेजा गया है, इसकी जानकारी गोपनीय रखी गई है। 

इस ड्यूटी से फ्री होने के बाद सुरक्षा बल आतंकवाद विरोधी कार्रवाई पर ध्यान केन्द्रित कर पाएंगे। वहीं जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नेताओं को आश्वस्त किया कि वे शांति बनाए रखें। अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।
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