एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद सोमवार को बदरा जमकर बरसे। करीब ढाई घंटे में 45 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शहरवासियों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। हालांकि हवा बंद होने से उमस भी बढ़ गई। बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी हुई। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले तीन-चार दिनों में मानसून पश्चिमी यूपी में पहुंच जाएगा।
सुबह से ही गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा था। दोपहर में एक बजे के करीब अचानक मौसम बदला और देखते ही देखते आसमान पर काले बादल छा गए। उसके बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश रुक-रुक कर होती रही। शहर के कई हिस्सों में बारिश का असर तेज रहा। हाईवे पर वाहन चालकों को दिन में लाइट जलानी पड़ी। प्री मानसून की बारिश ने पिछले पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 95 व न्यूनतम 62 प्रतिशत दर्ज की गई।
पांच वर्षों में एक दिन में सबसे अधिक बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले पांच साल में पहली बार एक दिन में 45.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्री मानसून की बारिश तेज होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
फसलों के लिए संजीवनी
कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी की तरह है। गर्मी के कारण जमीन सूख गई थी, बारिश से कुछ नमी आएगी। चारा, गन्ना और धान की पौध की रोपाई व अन्य फसलों को फायदा होगा।
पिछले पांच सालों में जून में हुई बारिश
तिथि मिमी वर्ष
10 36 2012
16 15 2013
19 27 2014
25 19 2015
19 45.2 2016
नाला सफाई की खुली पोल
बारिश ने नगर निगम की नाला सफाई की पोल खोल दी। शहर में नाले और नालियां उफन गए। ब्रह्मपुरी, किशनपुरा, नगर निगम परिसर, देहली गेट थाने के सामने मार्ग, शहीद स्मारक मार्ग, मछेरान, छतरी वाला पीर, प्रहलाद नगर, नौचंदी, घंटाघर, छतरीवाला पीर निचले मुस्लिम इलाकों में जलभराव हो गया।
रेलवे की करनी भुगत रही जनता
रेलवे की करनी को बागपत रोड मलियाना और किशनपुरा सहित एक दर्जन कालोनियों के लोग भुगत रहे हैं। बारिश के कारण मलियाना फाटक पर पाइप लाइन का नाला पानी का बहाव नहीं झेल पाया। जिसके कारण किशनपुरा और मलियाना के बाजारों में जलभराव हो गया। जलभराव के कारण किशनपुरा के व्यापारियों को बाजार बंद करने पड़े। पार्षद विनोद उपाध्याय ने बताया कि रेलवे के अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण जलभराव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों के घेराव की चेतावनी दी है।
खुदाई ने किया जीना दुश्वार
सीवर लाइन के लिए खोदी जा रही सड़कों पर बारिश के कारण कीचड़ हो गई, जिसके कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। नंगलाबटटू मार्ग से सटे संजय नगर सहित कई इलाकों के हालात खराब हैं। संजय नगर निवासी नरेंद्र सिंह, रवि, गगन और खेम सिंह का कहना है कि कई माह से क्षेत्र में सीवर लाइन डालने के लिए सड़कों की खुदाई चल रही है। जहां पर सीवर लाइन डाली जा चुकी है, उनके मैनहॉल खुले हैं। बारिश के पानी से गलियों में जलभराव हो गया।
जोरदार बारिश में कई जगह फाल्ट
मेरठ। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे जोरदार बारिश से शहर की बिजली पटरी से उतर गई। लिसाड़ी गेट, लिसाड़ी रोड, विकासपुरी आदि बिजलीघर के लिए जा रही 33 केवी लाइन में फाल्ट हो गया। इसके अलावा रामलीला ग्राउंड, माधवपुरम, शारदा रोड, टीपीनगर, टाउन हॉल, लेडीज पार्क, पीएल शर्मा, नौचंदी, पुराना आरटीओ, मोहनपुरी, एमईएस, पल्लवपुरम आदि बिजलीघर क्षेत्रों में लाइनों और केबल बॉक्स में फाल्ट आने से घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
खंभे में करंट उतरने से गाय की मौत
मेरठ। कैंट क्षेत्र में इंडाना बार चौराहे के निकट 11 केवी लाइन के खंभे में करंट उतर गया। वहां से गुजर रही गाय ने खंभे से खुद को रगड़ा, तो करंट की चपेट में आ गई। मौके पर ही गाय की मौत हो गई। लोगों ने बताया कि खंभे में करंट आने की शिकायत विभाग में की गई थी, लेकिन कोई बिजलीकर्मी इसे ठीक करने नहीं आया।